गुटनिरपेक्ष आंदोलन (नाम) के सदस्य देशों का 16वां शिखर सम्मेलन बृहस्पतिवार को ईरान की राजधानी तेहरान में शुरू हो गया। इस मौके पर ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला खमनेई ने ऊर्जा जरूरतों के मद्देनजर अपने परमाणु कार्यक्रम को जारी रखने की बात कही। उन्होंने 'नाम' के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों से अमेरिका और कुछ पश्चिमी देशों के तानाशाही रवैये को खत्म करने के लिए एकजुट होकर काम करने की भी अपील की।
खमनेई ने 120 देशों के प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका देश परमाणु हथियार हासिल नहीं करना चाहता है लेकिन वह परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के अधिकार को नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही आश्चर्यजनक है कि कुछ पश्चिमी देशों के पास परमाणु हथियार है और वे परमाणु तकनीकी तथा परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के अधिकार से अन्य देशों को वंचित रखने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ देश ईरान जैसे देशों पर गलत आरोप लगाकर शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए चलाए जा रहे उनके परमाणु कार्यक्रम में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। ईश्वर की कृपा से कुछ देशों के तानाशाही रवैये को खत्म करने का यह एक ऐतिहासिक मौका है।
गौरतलब है कि विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और कुछ पश्चिमी देशों का प्रतिबंध झेल रहा ईरान गुटनिरपेक्ष आंदोलन के सदस्य देशों के 16वें शिखर सम्मेलन के आयोजन को कुटनीतिक सफलता के तौर पर प्रस्तुत कर रहा है। इस शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना समेत 120 देशों के राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा ले रहे हैं।