नेपाल में पूर्व माओवादी लड़ाकों को सेना में शामिल करने की रुकी हुई प्रक्रिया को बहाल करने पर राजनीतिक दलों के बीच सहमति बन गई। पार्टियों ने मतभेद के उन मुद्दों को सुलझा लिया जिसके कारण यह प्रक्रिया रुकी हुई थी।
सर्वदलीय विशेष समिति की बैठक में छह सितंबर से माओवादी लड़ाकों को सेना में शामिल करने की रुकी हुई प्रक्रिया को बहाल करने का फैसला सोमवार को किया गया। प्रक्रिया जुलाई के पहले सप्ताह से रुकी हुई थी क्योंकि लड़ाकों की उम्र और उनकी योग्यता को लेकर विचारों में मतभेद था। पूर्व माओवादी लड़ाकों को सेना में शामिल किया जाना नेपाल में चल रही शांति प्रक्रिया का बड़ा हिस्सा है।
शैक्षणिक योग्यता को नहीं दी जाएगी मान्यता
नेपाली कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय सदस्य राम सरन महात ने कहा, ‘विशेष समिति ने 3123 माओवादी लड़ाकों को नेपाली सेना में शामिल करने की रुकी हुई प्रक्रिया को छह सितंबर से बहाल करने का फैसला किया है।’ महात विशेष समिति के भी सदस्य हैं।
बैठक में सेना में शामिल करने के लिए लड़ाकों के नागरिकता प्रमाणपत्र में उनकी आयु को मान्यता देने का फैसला किया गया। हालांकि, उसमें शैक्षणिक योग्यता को मान्यता नहीं देने का फैसला किया गया। बैठक में यह भी तय किया गया की माओवादी लड़ाकों की सेना में भर्ती के बाद उन्हें 45 दिनों की छुट्टी दी जाएगी, जिसके बाद प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।