मधेशी जन अधिकार फोरम लोकतांत्रिक के वरिष्ठ नेता शरद सिंह भंडारी को पार्टी से निकाले जाने के बाद पार्टी में बगावत शुरू हो गई है। सोमवार को फोरम के दर्जन भर केंद्रीय टीम के सदस्यों ने इस्तीफा देते हुए भंडारी के पक्ष में विश्वास जताया। आशा जताई जा रही है कि फोरम के बागियों की जमात जल्द ही एक नई पार्टी की बुनियाद रखेगी। ऐसा हुआ तो मधेश अधिकारों को लेकर कार्य कर रही पार्टियों की तादाद आधा दर्जन हो जाएगी।
पिछले दिनों मधेश में अलग पहचान रखने वाले शरद सिंह भंडारी को मधेशी जन अधिकार फोरम लोकतांत्रिक ने प्राथमिक सदस्यता से भी निष्कासित कर दिया। भंडारी के निष्कासन के बाद से ही पार्टी में अंदरखाने में हलचल तेज हो गई थी। अंदरूनी कलह सोमवार को सतह पर आ गई। आशंका जताई जा रही है कि कुछ और बडे़ नेता भी गच्छदार की मधेशी जन अधिकार फोरम लोकतांत्रिक पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं।
भंडारी के पार्टी से निकाले जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है, जहां कोर्ट ने इस निष्कासन को अवैध बताते हुए पार्टी मुखिया गच्छदार को 15 दिन के भीतर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इधर शरद सिंह भंडारी ने नई पार्टी को लेकर कवायद तेज कर दी है। पार्टी के नाम को लेकर माथापच्ची चल रही है। मसाल सद्भावना पार्टी के सरिता गिरी और दलित जनजाति पार्टी की उपेंद्र पासवान से भी बातचीत चल रही है।
अगर सबकुछ ठीक ठाक रहा तो जल्द ही मधेश अधिकार को लेकर लड़ने वाली एक और नई पार्टी का उदय होगा।