जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जल्द अपने 60 हजार उपभोक्ताओं को पेयजल का ऑनलाइन बिल अदा करने की सुविधा देने जा रहा है।
इससे उपभोक्ताओं को अपना छह माह का पेयजल बिल भरने के लिए लंबी कतार में खडे़ रहने की आवश्यकता नहीं होगी। उपभोक्ता अपना बिल मोबाइल बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और ऑनलाइन बैंकिंग सिस्टम से जमा करा सकेंगे। विभाग ने स्वयं का सॉफ्टवेयर ‘बिश्वास’ लांच किया है।
समय के अनुरूप विभाग अपनी कार्य प्रणाली को अपडेट कर रहा है। अभी तक विभाग अपने उपभोक्ताओं को पेयजल का बिल मैनुअल उपलब्ध कराता था।
समय बदलने के साथ बिल को प्रिंटेड करने के लिए हिसार की एक निजी कंपनी से ठेका दिया गया। जैसे ही व्यवस्था सिरे चढ़ी विभाग ने स्वयं का ‘बिश्वास’ नामक सॉफ्टवेयर लांच किया।
इससे सभी उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बिल उपलब्ध कराने की सुविधा दी गई। इस सुविधा ने उपभोक्ताओं को अपडेट करने के साथ विभाग के लिए संजीवनी बूटी का काम किया है। इसके जरिए विभाग उपभोक्ताओं के एरियर बताने व वसूलने में सहज महसूस कर रहा है।
अब इसके बाद योजना है कि उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बिल जमा कराने की सुविधा दी जाए। विभाग का मानना है कि आज भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास वक्त कम है। शहरी उपभोक्ता अधिकांश हाईटेक हो चुके हैं। उनकी जरूरतों को देखते हुए विभाग ने एनआईएस करनाल से इस व्यवस्था को सिरे चढ़ाने का करार किया है। विभाग के एसडीई एनके गर्ग के अनुसार उपभोक्ताओं के बिल की डिटेल चंडीगढ़ उच्च अधिकारी, स्थानीय कार्यालय व एनआईएस करनाल में उपलब्ध रहेगी।
बोले अधिकारी
ऑन लाइन बिल जमा कराने की सुविधा उपलब्ध कराए जाने पर काम जारी है। दो से तीन माह में यह सुविधा उपभोक्ताओं तक पहुंच जाएगी। अभी सॉफ्टवेयर बिश्वास पर काम शुरू हो गया है। इससे विभाग को व उपभोक्ताओं को काफी सहूलियत मिलेगी।
- टीआर पंवार, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।
विभाग की व्यवस्था
जल घर तीन
उपभोक्ता 60 हजार
पेयजल सप्लाई 8 करोड़ प्रतिदिन
बिल 1 रुपये प्रति एक हजार लीटर
नियम 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध कराना
मासिक बिल लगभग 30 लाख रुपये
‘बिश्वास’ पर हो रहा काम
सॉफ्टवेयर ‘बिश्वास’ का सोमवार विभाग ने शुभारंभ किया। ट्रायल के अगले दिन मंगलवार विभाग ने गीता कॉलोनी, जगदीश कॉलोनी व राम नगर क्षेत्र के पानी के बिल कंप्यूटर से निकाले। विभाग ने करीब 1100 उपभोक्ताओं को पहली बार अपने यहां कंप्यूटरीकृत बिल उपलब्ध कराया है। एसडीई एनके गर्ग ने बताया कि इस कार्य के लिए पांच कर्मचारी मीटर रीडिंग, तीन एरियर रीडिंग एवं दो बिल देने के लिए काउंटर शुरू किए गए हैं। काउंटर पर फिलहाल उपभोक्ता अपना बिल नकद व चेक से जमा कर सकते हैं।