शहर के असंध बाईपास मोड़ पर रविवार को उस समय हंगामा हो गया जब पुलिस ने गायों से भरे एक ट्रक को पकड़ लिया लेकिन गो-तस्करों को छोड़ दिया।
गो-तस्करों को छोड़ने की सूचना मिलते ही गो भक्तों ने जमकर बवाल काटा। पुलिस की इस कारस्तानी से आगबबूला गो भक्तों ने ट्रक से गायों को नीचे उतारकर ट्रक में आग लगा दी और गो तस्करों को छोड़ने वाले पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए जींद-असंध मार्ग पर जाम लगाकर बैठ गए। बवाल की सूचना मिलते ही डीएसपी श्यामलाल, एसडीएम प्रेमचंद मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने जाम लगाकर बैठे गो भक्तों को मनाने का प्रयास किया लेकिन गो भक्त जाम खोलने को राजी नहीं हुई। इस पर डीएसपी ने तीन पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। जब जाकर गो भक्तों ने जाम खोला।
ट्रक में 15 गाय और तीन बैल भरे थे।
गौरक्षा दल के सदस्यों को रविवार सुबह सूचना मिली थी कि असंध की तरफ से गायों से भरा एक ट्रक सफीदों की तरफ आ रहा है। गौ भक्तों ने इसकी सूचना सफीदों पुलिस को दी। उस समय पुलिस की पीसीआर गाड़ी पानीपत रोड पर गश्त कर रही थी।
सूचना पर पुलिस कर्र्मियों ने सफीदों-असंध रोड बाईपास के पास गो-तस्करों के ट्रक को रुकवाया तो उसमें गायों व बैलों को ठूंस ठूंसकर भरा गया था। ट्रक में गौ तस्करों ने 15 गाय तथा तीन बैलों को भरा हुआ था। इस दौरान वहां इस ट्रक की सूचना देने वाले गांवव धड़ौली, कालवा व तडलौड़ा के गौ रक्षा दल के सदस्य भी पहुंच गए। गो भक्तों ने आरोप लगाया कि पीसीआर में तैनात पुलिस कर्मचारियों ने गौ तस्करों को पकड़कर थाने ले जाने की बजाय नई अनाज मंडी के पीछे ले जाकर गौ तस्करों को भगा
दिया और ट्रक को खाली करवाने की तैयारी कर रहे थे। इसकी भनक लगते ही गौ भक्तों ने पुलिस कर्मियों को पकड़ लिया और उनके खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। नारेबाजी करते हुए गो भक्तों ने सफीदों के खानसर चौक पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर सफीदों एसडीएम प्रेमचंद, डीएसपी श्यामलाल, एसएचओ रमेश चंद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और गो-रक्षकों को आरोपी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। बाद में बैंलों से भरे ट्रक को प्रशासन की मौजूदगी में सफीदों के जींद रोड स्थित श्री गोशाला में लाया गया। जहां पर गो रक्षकों ने फिर बवाल काटा।
गो रक्षकों की मांग थी कि जब तक आरोपी पुलिस वालों पर कार्रवाई नहीं की जाती है तब तक वह बैलों को उतरने नहीं देंगे। इस पर प्रशासन ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन गो-रक्षक मानने को तैयार नहीं हुए। इस पर एसडीएम प्रेमचंद व डीएसपी श्यामलाल ने आर्य समाजी नेता आजाद आर्य को लिखित मेें आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। इस आश्वासन के बाद ही बैलों को गोशाला मेें उतरवाया जा सका। ट्रक खाली होते ही गो भक्तों ने ट्रक में आग लगा दी। पुलिस ने गौशाला के सदस्योें के सहयोग से ट्रक में लगी आग पर काबू पाया, लेकिन जब तक आग पर काबू पाया गया तब तक ट्रक काफी हद तक जलकर खाक हो चुका था।
तीन पुलिस कर्मचारी सस्पेंड
गोरक्षा दल व आर्य समाज के लोगों ने पीसीआर पर तैनात एएसआई रघबीर, हवलदार ओमप्रकाश तथा सिपाही नरेंद्र पर आरोप लगाया कि गो तस्करों को पकड़ लिया था, लेकिन गोरक्षा दल के सदस्यों के मौके पर पहुंचने से पहले तीनों पुलिस कर्मचारियों ने गौ तस्करों से सांठगांठ कर ली और पुरानी अनाज मंडी के निकट जाकर गायों को उतारवाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने गो तस्करों को मौके से भगा दिया। गौ भक्तों के इन आरोप के आधार पर तीनों पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया।
ट्रक में आग लगने के आरोप में आठ नामजद
पुलिस की मौजूदगी में ट्रक में आग लगाने के आरोप में पुलिस ने मतलौडा निवासी आचार्य आजाद, गुरदयाल, गांव छाजोगढ़ी निवासी सुभाष, सफीदों निवासी सतीश, विक्की, भारत, अक्षय व अमित को नामजद करके 50 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन सभी पर आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा मामले में कार्रवाई करने के बावजूद भी ट्रक में आग लगाई और सरकारी कार्य में बाधा डाली।