सरकारी स्कूल जहां नौकरी मिलने के बाद शिक्षक चैन से काम करने और सिर्फ स्कूल में हाजिरी लगाने तक सीमित हो जाते हैं वहीं एक सरकारी स्कूल का स्टाफ ऐसा भी है जो गांव में नुक्कड़ सभाएं कर ग्रामीणों को अपने बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
साथ ही यह भी आश्वासन दे रहे हैं कि आप कभी भी किसी भी समय स्कूल के निरीक्षण के लिए आ सकते हैं, आपको स्कूल का प्रत्येक शिक्षक निर्धारित समय में कक्षाओं में पढ़ाता मिलेगा। यह स्टाफ है बामला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का। स्टाफ सदस्यों ने शुक्रवार को बामला में नुक्कड़ सभा कर अधिक से अधिक बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिले के लिए लाने के अभियान की शुरुआत की।
फुलपुरा और बामला के प्रत्येक मोहल्ले में होंगी सभाएं
स्कूल हेड मास्टर जयवीर नाफरिया ने स्कूल के नजदीक लगते बामला और फूलपुरा गांव के प्रत्येक मोहल्ले में इस तरह की जागरुकता नुक्कड़ सभाएं करने की योजना बनाई है। स्कूल स्टाफ सदस्य भी हेड मास्टर का सहयोग करने के लिए आगे आए और नुक्कड़ सभाओं की शुरुआत शुक्रवार को बामला गांव के बिरही क्षेत्र से हुई।
एक बार एडमिशन देकर देखिये
बामला के बिरही वाली क्षेत्र में नुक्कड़ सभा में ग्रामीणों के बीच हेडमास्टर जयवीर नाफरिया ने कहा कि अक्सर लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना पसंद करते हैं, मगर इस बार आप हमारे सरकारी स्कूल में अपने बच्चों को एडमिशन दिलाकर देखिये।
उन्हें अच्छी शिक्षा ना मिले या फिर कभी आपको ये शिकायत मिले कि शिक्षक ने कक्षा नहीं ली तो आप अपने बच्चे को स्कूल से निकालकर किसी अन्य स्कूल में एडमिशन दिला सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी ग्रामीण कभी भी स्कूल का निरीक्षण कर सकता है। उन्हें निर्धारित समय में सभी शिक्षक कक्षाओं में पढ़ाते मिलेंगे।
नुक्कड़ सभा में ग्रामीणों के अलावा स्कूल स्टाफ सदस्य मा. हवा सिंह ग्रेवाल, एनसीसी ऑफिसर मनोज ग्रेवाल, अनिल नागर, जयभगवान, जोगेंद्र, राजेश ग्रेवाल, अनिल कुमार, कृष्ण यादव आदि मौजूद थे।
‘हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजे। स्कूल में हमारा प्रयास बच्चों को बेहतर शिक्षा देना है। स्कूल स्टाफ सदस्य भी सहयोग कर रहे है और सभी कक्षाएं लगा रहे है।’
जयवीर नाफरिया, हेड मास्टर
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बामला