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अफसरों से भिड़े साधु-संत

Fri, 28 Jul 2017 12:20 AM IST
अमर उजाला चित्रकूट
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धरने पर बैठने से मना करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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धर्मनगरी के विकास को लेकर मध्य प्रदेश क्षेत्र के साधु संत आंदोलित हो गए हैं। गुरुवार को दस सूत्री मांगों को लेकर धरना देने जा रहे साधु संतों को पुलिस अधिकारियों ने रोका तो भिड़ गए। एसडीओपी और थाना प्रभारी को चेतावनी दी कि ज्यादा दबाव बनाया तो क्रमिक अनशन पर बैठ जाएंगे। 30 जुलाई को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के चित्रकूट में संभावित दौरे को लेकर प्रशासन साधु संतों को मनाने में जुटा है।
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धर्म नगरी के अधूरे विकास कार्यों को लेकर बुधवार को साधु संतों ने मप्र क्षेत्र के टूरिस्ट बंगले के पास धरना प्रदर्शन किया था। गुरुवार को जानकीकुंड के पास स्थित रामानंद आश्रम के पास साधु संत धरना देने पहुंचे तो एसडीओपी आलोक शर्मा और नया गांव थाना प्रभारी सुधांशु तिवारी फोर्स के साथ पहुंच गए।

पुलिस अधिकारियों ने धरने पर न बैठने की बात कही तो साधु संत उनसे भिड़ गए और नोकझोंक होने लगी। संताें ने कहा कि ज्यादा दबाव डाला गया क्रमिक अनशन शुरू कर देंगे। इसको लेकर एक घंटे तक पुलिस व संतों के बीच तीखी बहस होती रही। आखिर में पुलिस को लौटना पड़ा और साधु संत धरने पर बैठ गए।
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ये हैं प्रमुख मांगे
दस सूूत्री मांगों में रजौला बाईपास और हनुमानधारा बाईपास का अधूरा निर्माण जल्द पूरा करने, रजौला से बस स्टैंड तक यात्रियों की बैठने की व्यवस्था, कामद्गिरि परिक्रमा मार्ग पर रिंग रोड का निर्माण, चित्रकूट को फ्रीजोन बनाने, मंदाकिनी को प्रदूषण से बचाने के लिए सीवरलाइन का कार्य जल्द पूरा कराने, राम मुहल्ला में ओवरब्रिज का निर्माण, विद्याधाम स्कूल के पास पयस्वनी नदी पर पुल, आरटीओ बैरियर को मझगवां के आसपास लगाने की मांगे प्रमुख हैं। इसके अलावा सती अनुसुइया और अमरावती में डैम का निर्माण, बगदहा घाटी झूरी नदी में डैम का निर्माण भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री आएंगे तो करेंगे विरोध
धरने पर बैठे कामद्गिरी प्रमुख द्वार के महंत मदनगोपाल दास महाराज, जानकी महल के सीताशरण महाराज, रामायणी कुटी के रामहृदय दास, गोपाल दास, बलराम दास, व गोविंद दास, सनकादिक आदि महराज ने बताया कि धर्मनगरी में सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत समस्याओं का निदान नहीं हो पा रहा है। यह भी कहा कि 30 जुलाई को यदि मुख्यमंत्री आएंगे तो उनका विरोध किया जाएगा। बताया कि इन समस्याओं का समाधान कराने के लिए कई बार अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। परमेश्वरदास, आनंददास, रामबलिदास, सियारामदास, नेपाली बाबा, बालकदास और माधवदास आदि भी धरने पर बैठे रहे।

साधु संतों को मनाने पहुंचे भाजपा नेता
खोही।  सतना भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र त्रिपाठी और भाजपा नेता रामदास मिश्रा धरना स्थल पहुंचे और साधु संतों को धरना खत्म करने के लिए मनाया। फिलहाल दोनों नेता धरना स्थल पर मौजूद हैं और मुख्यमंत्री के 30 जुलाई के संभावित आगमन के पूर्व धरना खत्म करने को मना रहे हैं।
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