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मनचलों को पकड़वाने वालों को एक हजार ईनाम

Wed, 03 Sep 2014 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
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अब रेंज में छेड़छाड़ को रोकने और मनचलों को पकड़वाने में मदद करने वालों को आईजी की ओर से एक हजार रुपये का ईनाम और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
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छेड़छाड़ से तंग आकर दो छात्राओं की आत्महत्या के बाद जागी पुलिस अब बेटियों की सुरक्षा के लिए बड़े-बड़े दावे कर रही है।

दावों के बावजूद सुरक्षा देने में नाकाम पुलिस ने एक और कवायद शुरू की है।

मंगलवार को शुरू हुए विशेष जागरुकता अभियान में आईजी अनिल राव ने राजकीय महिला महाविद्यालय (आइसी कॉलेज) में यह घोषणा की। आईजी ने छात्राओं से अपील की कि वे पुलिस की दोस्त बनें और अपराध रोकने में मदद करें।  
कॉलेज हॉल में मौजूद सैकड़ों छात्राओं को संबोधित करते हुए आईजी अनिल राव ने कहा कि छेड़छाड़ को रोकने के लिए सबसे ज्यादा सेंस ऑफ सिक्योरिटी अर्थात सुरक्षा की अनुभूति जरूरी है।
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इससे विश्वास पैदा होगा। छात्राएं भयमुक्त तभी होंगी, जब उन्हें सुरक्षा का विश्वास हो। राष्ट्रीय क्राइम रिकार्ड ब्यूरो और राज्य क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़े बताते हैं कि 14 साल तक की उम्र की लड़कियों की प्रति 9 प्रतिशत, 14 से 18 साल तक की उम्र की लड़कियों के साथ 16 प्रतिशत और 18 से 30 आयु वर्ग की लड़कियों के साथ 57.4 प्रतिशत अपराध होते हैं। ऐसे में यह आयु सबसे बड़ा वर्ग है।
छह टीम करेंगी जागरूक
महिला पुलिस की रैपिड एक्शन फोर्स की छह स्पेशल टीम गठित की गई हैं। ये टीम पूरी रेंज में महिला कॉलेज, स्कूल और कोचिंग संस्थान में छात्राओं को सुरक्षित रहने, आपात स्थिति से बचाव के तरीकों और कानूनी रूप से जागरूक करेंगी। पुलिस की ही स्पेशल टीम सभी संस्थानों में सुरक्षा संसाधनों की समीक्षा करेंगी। इस बारे में उन्होंने रोहतक, सोनीपत, पानीपत व झज्जर के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर सुरक्षा संबंधी टिप्स जारी किए हैं। पुलिस की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई होगी।
घूरना भी है अपराध : एसपी
एसपी सौरभ सिंह ने कहा कि कानून हमेशा छात्राओं के साथ है। जरूरत है बस मामले को पुलिस तक लाने की। पहले छेड़छाड़ का मतलब होता था छूना अथवा उससे आगे जाना।

लेकिन अब इन धाराओं में संशोधन हो गया है। अब यदि कोई लड़का गलत नियत से घूरता है और पीछा करता है तो वह भी छेड़छाड़ में ही गिना जाएगा। इसके अलावा अन्य कई कानून हैं, जो सीधे लड़कियों को सुरक्षा प्रदान करते हैं।
फेसबुक और व्हाट्स अप पर डालें आरोपियों की तस्वीरें
एसपी ने कहा कि शहर में दो महिला पीसीआर और दो महिला राइडर शुरू की गई हैं। महिला हेल्पलाइन 1091 की रोजाना समीक्षा हो रही है। छात्राएं 1091 और 100 नंबर पर कॉल कर सकती हैं। व्हाट्स अप और फेसबुक पर भी शिकायत दर्ज करा सकती हैं और आरोपियों के फोटो डाल सकते हैं।
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महिला कमांडों ने दिखाया डेमो
इस दौरान महिला पुलिस कर्मियों की ओर से बिना शस्त्र के किस तरह से लड़कियां मनचलों का सामना कर सकती हैं, इसके बारे में जागरूक किया गया। महिला पुलिस कमांडो ने डेमो भी दिया। उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए।
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