रोडवेज बस में कथित छेड़छाड़ और मारपीट मामले में ज्ञापन देने गई एक छात्रा खुद छेड़छाड़ का शिकार हो गई।
डीसी ऑफिस से ज्ञापन देकर लौट रही छात्रा पर पार्किंग के पास एक युवक ने कमेंट किया तो छात्रा ने भी हिम्मत दिखाई।
एमडीयू की इस छात्रा ने कमेंट पास करने वाले युवक को जोरदार तमाचे रसीद कर दिए। लड़के की पिटाई और हंगामा होने पर पुलिसकर्मी भी पहुंचे।
युवक ने सभी के सामने अपनी गलती मानी और हाथ जोड़कर पिंड छुड़वाया। मामले में छात्रा ने किसी तरह का केस दर्ज नहीं कराया है।
बस में दो बहनों के साथ कथित छेड़छाड़ मामले में छात्र एकता मंच की वुमेन एक्शन टीम बुधवार को डीसी को ज्ञापन देने लघु सचिवालय पहुंची। एमडीयू से पढ़ाई कर रही सांघी की रहने वाली यह छात्रा भी छात्र एकता मंच की सक्रिय सदस्य है। एसडीएम को ज्ञापन देने के बाद जब कार्यकर्ता बाहर आ रहे थे, तब लघु सचिवालय के गेट पर बनी पार्किंग में मौजूद तीन युवकों में से एक ने छात्रा पर कमेंट पास कर दिया। इस पर छात्रा ने जमकर उसकी धुनाई कर दी।
अंगड़ाई ली और पूछा सांघी वाले क्या हाल है तेरा...
छात्रा ने बताया कि कमेंट करने वाला युवक भी सांघी का ही है। जब वे गेट से बाहर निकल रहे थे तो युवक ने अंगड़ाई लेते हुए कहा कि सांघी वाले क्या हाल है तेरा...? पलट कर देखा तो युवक उसे देख कर मुस्कुरा रहा था। सवाल किया तो छात्र ने उल्टा जवाब दिया। गुस्साई छात्रा ने उसकी कालर पकड़ी और तमाचे जड़ना शुरू कर दिया।
पुलिस ने छात्रा को रोकना चाहा, पर जड़ती रही तमाचे
युवक की पिटाई होते देख वहां भीड़ लग गई। पास ही मौजूद पुलिसकर्मी भी वहां पहुंचा। उसने छात्रा को पिटाई करने से मना किया तो छात्रा ने उसे ही रोक दिया और युवक पर जमकर तमाचे बरसाए। मामला बढ़ता देख युवक ने छात्रा से माफी मांग कर अपना पिंड छुड़ाया।
लड़कों को पीटना तो रोज का काम हो गया है
भीड़ में मौजूद महिलाओं ने छात्रा से पिटाई का कारण पूछा। बताने पर कुछ महिलाओं ने तो छात्रा के पक्ष में बोलना शुरू किया, जबकि कुछ महिलाएं यह कहते हुए वहां से चली गईं कि लड़कियों का तो अब ये रोज का काम हो गया है।
लड़कियां खुद सिखाने लगी हैं सबक, पुलिस जागने को तैयार नहीं
छेड़छाड़ की लगातार बढ़ रहे मामलों में अब लड़कियों ने खुद ही सबक सिखाना शुरू कर दिया है, लेकिन पुलिस सुरक्षा के दावे हर बार हवा साबित हो रहे हैं। छात्राओं की सुरक्षा को लेकर हर वारदात के बाद बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। बुधवार को हुई घटना ने साबित कर दिया है कि लघु सचिवालय जैसी अहम जगह पर भी बेटियों को छेड़छाड़ का शिकार होना पड़ता है।