आजकल लीथियम बैटरी को काफी सक्षम माना जाता है। लीथियम की कमर्शियल माइनिंग करने योग्य संसाधन सीमित हैं। ऐसे में भविष्य में इस पर निर्भरता सवालों से घिरी हुई है।
इसी बात को ध्यान में रखकर लंबे समय तक एनर्जी स्टोरेज के लिए पर्यावरण हितैषी विकल्प तलाशे जा रहे हैं। इस दिशा में अब काम करते हुए स्वीडन की ऐंगस्ट्रोम लैब के वैज्ञानिकों ने बैटरी का एक बेहतर विकल्प पेश किया है।
मोबाइल चार्जिंग के 5 नायाब तरीकेयह बैटरी ऐसे बायोलॉजिकल मैटेरियल पर आधारित होगी, जिसे आसानी से रिसाइकिल किया जा सकता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इन नई बैट्रीज में एनर्जी कंटेंट लीथियम बैट्रीज की तरह ही होगा। यूरोपियन फलीदार पौधे ऐल्फैल्फ और पाइन रेजिन जैसे मैटेरियल की मदद से यह बैटरी बनाई जाएगी।
शोधकर्ताओं ने दिखाया कि जर्जर हो चुकी बैट्रीज से निकाले गए लीथियम का इस्तेमाल नए ढंग से किस तरह किया जा सकता है। बस इसमें कुछ बायो-मैटेरियल मिलाने की जरूरत होगी। इसके बाद बैटरी 99 प्रतिशत पहले की तरह ही काम करने लगेगी।