एमडीयू में सोमवार को साढ़े तीन घंटे जबरदस्त हंगामा हुआ।
राजनीति विभाग में प्रवेश काउंसिलिंग में मेरिट में आई छात्रा की अनदेखी का विरोध करने पहुंचे छात्रों ने डीडीई भवन पर ताला जड़ दिया।
ताला खुलवाने पहुंचे कुलपति एचएस चहल को भी छात्रों ने नहीं छोड़ा और उनकी कार रोक खरी-खरी सुना दी। वहीं कुलपति ने काउंसलिंग में हुई अनियमितताओं को सुनते हुए एक सीट बढ़ाकर छात्रा को प्रवेश दे दिया।
एमडीयू के राजनीति विज्ञान विभाग में शनिवार को प्रवेश काउंसलिंग थी। काउंसलिंग के लिए आई एक छात्रा ने आरोप लगाया था कि मेरिट में नाम होने के बाद भी उसे प्रवेश नहीं दिया गया।
एक अन्य छात्रा का भी आरोप था कि उसका नाम 18 सितंबर को जारी मेरिट लिस्ट में था, लेकिन 20 सितंबर को दूसरी लिस्ट जारी कर दी गई, जिसमें उसका नाम हटा दिया गया। जबकि वह मेरिट में शामिल थी। इसका विरोध रजिस्ट्रार के समक्ष जताया गया था। जब छात्रा की बात किसी ने नहीं सुनी तो सोमवार को छात्रों ने डीडीई बिल्डिंग के बाहर जमकर हंगामा शुरू कर दिया।
मेन गेट पर जड़ा ताला
सुबह करीब आठ बजे से ही छात्रों का हुजूम छात्र नेता जोगेंद्र सिंह जोगा के नेतृत्व में डीडीई के सामने पहुंचा। छात्रों ने पहले डीडीई भवन के सामने धरना प्रदर्शन शुरू किया। जैसे ही डीडीई में बने विभागों में जाने के लिए स्टाफ और छात्र पहुंचने लगे तो प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने गेट पर ताला जड़ किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया। ताला न खोलने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुलिस को फोन किया। मौके पर पीजीआई थाने के एसएचओ एमआई खान पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को ताला खोलने के लिए कहने लगे। जब छात्र फिर भी नहीं मानें तो आईएम खान ने रजिस्ट्रार और कुलपति को फोन कर बुलाया।
न रजिस्ट्रार की सुनी, न वीसी की
मौके पर कुलपति एचएस चहल और रजिस्ट्रार एसपी वत्स, यूआईईटी निदेशक एसपी खटकड़ सहित कई अधिकारी पहुंचे। कुलपति ने छात्रों से बात करते हुए ताला खोलने के लिए कहा। मांग पर अड़े छात्रों ने वीसी को अनसुना कर दिया। इस पर कुलपति ने प्रदर्शनकारियों को डांटते हुए ताला खोलने को कहा जिससे छात्र भड़क गए। उन्होंने कुलपति को काउंसलिंग की अनियमतिता से अवगत कराते हुए पहले फैसला करने के लिए कहा। इससे नाराज कुलपति वापस जाने लगे, लेकिन छात्र उनके पीछे दौड़कर कार में बैठने जा रहे कुलपति व रजिस्ट्रार को छात्रा पूनम और भावना के साथ अन्य छात्रों ने घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने वीसी की कार के बोनट पर भी चढ़ने की कोशिश की। एक छात्र ने बोनट पर दो चार हाथ भी जमा दिए। हालांकि कार को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन अचानक हुए इस वाकिये से हैरान कुलपति ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया। बाद में कुलपति ने कुछ विद्यार्थियों के साथ राजनीति विभाग में जाने पर सहमति दी। विद्यार्थियों ने भी इस पर रजामंदी दे दी और कुलपति, रजिस्ट्रार, यूआईईटी निदेशक और कुछ विद्यार्थी अंदर गए। पुलिस ने इनके अंदर जाते ही फिर से गेट पर ताला लगा दिया ताकि अन्य छात्र अंदर न जा सके।
कई लोग हुए परेशान
ताला जड़ने के बाद इससे न कोई अंदर जा पाया और न ही बाहर आ पाया। ताला जड़ने के कारण कई विभागों केशिक्षक और छात्र भी बाहर ही रह गए। फीस काउंटर पर तैनात कर्मचारी भी अंदर नहीं जा पाए। जिससे न तो काउंटर खुल सके न फीस जमा हो पाई। फाइन आर्ट्स में फार्म भरने के लिए भी सोमवार को आखिरी दिन था। काउंटर बंद होने से चालान भी नहीं काटे जा सके।
बढ़ाई सीट, दिया प्रवेश
कुलपति ने विभाग में जाकर स्थिति का पता किया। सीटे फुल होने के बाद कुलपति ने अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए एक सीट बढ़ा दी। विशेष कोटे के तहत एक छात्रा पूनम को प्रवेश दे दिया गया। तब कहीं जाकर साढ़े 11 बजे हंगामा खत्म हुआ और डीडीई के ताले खोले गए। जब हंगामा खत्म हुआ तब कही जाकर साढे़ 11 बजे फीस के काउंटर खोले जा सके। जोगा ने बताया कि यदि एचओडी के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की गई तो फिर से हंगामा किया जाएगा। कार्रवाई के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।