जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी ने कलानौर में एक नाबालिग की शादी रुकवाई दी।
लड़की की शादी मंगलवार को ही होनी थी। मौके पर पहुंची टीम ने परिजनों से लड़की की उम्र संबंधी दस्तावेज मांगे तो वह पेश नहीं कर पाए।
बाद में गांव के स्कूल के हेडमास्टर से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने लिखित में दिया कि स्कूली कागजों के हिसाब से लड़की का जन्म जनवरी, 2001 है। 2013 में वह कक्षा आठ की छात्रा थी। इस हिसाब से वह नाबालिग है।
जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंदर कौर को मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम से कलानौर में एक नाबालिग लड़की की शादी किए जाने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर लड़की नाबालिग मिली और शादी रुकवा दी। दूसरी तरफ दूल्हा बड़ी उम्र का था। बारात दादरी से आई थी। बारातियों को समझाकर उन्हें घर से बाहर ही रोक दिया। परिवार वालों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में जानकारी दी। अब परिजनों ने एक शपथ पत्र दिया है, जिसमें अपनी लड़की की शादी स्थगित करने और बालिग होने पर ही शादी की बात कही है। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार की एक सूचना एक दिसंबर को कबूलपुर गांव से भी आई थी। जिसमें बताया गया था कि यहां भी एक नाबालिग की शादी की जा रही है। जांच करने पर पता चला कि शादी लड़के की है। साथ परिजनों ने एक शपथपत्र देकर कहा कि वे केवल लड़के की ही शादी करेंगे।