विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस मुश्किल में है। आम चुनाव नजदीक हैं और कांग्रेस के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती है।
इस मुकाबले में एक तरफ नरेंद्र मोदी जैसी लोकप्रिय शख्सियत है तो दूसरी तरफ नेतृत्व को लेकर कांग्रेस अब तक पसोपेश में है। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष ने संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी भी पीएम पद के उम्मीदवार का ऐलान करेगी।
अब सबकी निगाहें 17 जनवरी से शुरू होने वाले कांग्रेस के अधिवेशन पर हैं जिसमें राहुल गांधी को मोदी के मुकाबले उतारने का ऐलान किया जा सकता है।
लोकपाल को लेकर हाल ही में राहुल गांधी ने जिस तरह की सक्रियता दिखाई है उससे जाहिर है कि अब वे पार्टी में बड़ी भूमिका के लिए खुद को तैयार करने का मन बना चुके हैं।
सरकार के कामकाज और चुनावी रणनीति को लेकर एक तरफ कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी आलोचनाएं हो रही हैं तो दूसरी तरफ उसके पुराने साथी भी उसका साथ छोड़ रहे हैं।
हाल ही में डीएमके ने भी कांग्रेस के साथ न जाने का ऐलान कर दिया है। अब आम चुनाव में कांग्रेस को कई मोर्चो पर लड़ना है। क्या, कांग्रेस नेतृत्व इन सारी चुनौतियों से पार पाएगा?