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बस के शीशे तोड़े, बस लेकर सवारियों समेत एसपी कार्यालय पहुंचा चालक

Tue, 25 Nov 2014 03:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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हिसार से गुड़गांव आ रही बस को ओवरटेक करने के चक्कर में विवाद ने तूल पकड़ लिया।
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कार सवारों ने बस चालक व परिचालक के साथ मारपीट का प्रयास किया, लेकिन सवारियों के कारण बचाव हो गया। कार सवारों ने बस का शीशा भी तोड़ दिया।

गुस्साए बस चालक व परिचालक बस लेकर सवारियों समेत एसपी कार्यालय पहुंच गए। बस चालक ने शिकायत भी दी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।

गुड़गांव डिपो की बस हिसार से गुड़गांव जा रही थी। सोमवार सुबह साढ़े 11 बजे बस गांव बहुअकबरपुर के पास पहुंची तो तेज रफ्तार कार ने बस को ओवरटेक कर लिया। ओवरटेक के दौरान कार चालक व बस चालक नरेश के बीच कहासुनी हुई। कार सवार चार युवकों व एक महिला ने दबंगई दिखाना शुरू कर दिया। आरोप है कि कार सवार युवकों ने चालक से मारपीट का भी प्रयास किया, लेकिन यात्री और गांववासी बीच में आ गए। वहां से किसी तरह दोनों पक्षों को रवाना कर दिया।  
साथियों को बुलाया और जींद बाईपास पर बस को घेरा
कार चालक ने फोन कर अपने साथियों को बुला लिया। 15-20 युवकों ने बस को जींद बाईपास के पास घेर लिया। कार सवारों ने बस के आगे कार अड़ा दी और बस के रुकते ही बस में चढ़ने लगे। सवारियों ने मामले को भांपते हुए पहले ही बस की खिड़कियां बंद कर रखी थी, जिससे वे बस में सवार नहीं हो पाए। यात्रियों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। बस को घेरने वाले लड़कों में से किसी ने बस के शीशे पर डंडे दे मारा और शीशा तोड़ दिया।
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आधा घंटे में पहुंची पीसीआर
एसपी कार्यालय पहुंचे बस चालक नरेश (मातन, जिला झज्जर) व परिचालक अजय (बलियाना निवासी) समेत अन्य सवारियों सोनू, दीपक, दिनेश, रतन सिंह, दिनेश कुमार और बस स्टैंड गुड़गांव डिपो इंचार्ज यशवंत ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम में दो-तीन बार फोन करने के बाद भी पुलिस समय पर नहीं पहुंची। आरोप लगाया कि आधा घंटे बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने हमलावारों के मौके पर मौजूद होते हुए भी कोई कार्रवाई नहीं की। समझौता करने की बात कह पुलिस रवाना हो गई।
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बस लेकर पहुंचे एसपी कार्यालय
पुलिस कार्रवाई में लापरवाही से गुस्साए बस चालक बस लेकर सीधे एसपी कार्यालय पहुंच गया। एसपी और अन्य सभी अधिकारी बैठक में मौजूद थे। आरोप लगाया कि पुलिस ने कार्रवाई करने की बजाय उन पर समझौता करने के लिए दबाव बनाया। चालक नरेश ने बताया कि बाद में उन्हें सुखपुरा चौकी में भेज दिया गया और वहां पर दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया। 
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