शहर के एक प्रतिष्ठित ज्वैलर्स परिवार की महिला की पीजीआई में मंगलवार को मौत हो गई।
शव 4 घंटे तक इमरजेंसी में रखा रहा। मायकों वालों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए महिला की हत्या का आरोप लगाया है। आरोप है कि महिला की मौत होते ही ससुर ने उसके गहने उतार लिए और मायके वालों के आते ही पीजीआई से भाग गया। हंगामे के बाद मायके वालों ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया।
रात साढ़े नौ बजे आर्य नगर पुलिस चौकी में परिजनों ने ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। बुधवार को पोस्टमार्टम होगा।
मृतका के भाई महम निवासी पंकज अनेजा ने बताया कि उसकी 27 वर्षीय बहन वर्षा की शादी दिसंबर 2012 में रोहतक निवासी एक युवक के साथ हुई। आरोप है कि ससुराल वाले उसे शुरू से ही दहेज के लिए तंग करने लगे। पंकज का कहना है कि ससुराल वाले आए दिन नई-नई मांग करते। पिछले कई दिनों से वे वर्षा पर उसके नाना की जमीन और एक मकान में हिस्सा मांगने का दबाव बना रहे थे।
हम हिस्सा दे देते, फिर भी मार डाला
मृतका के नाना ने बताया कि हम बेटी को जमीन और मकान देने को तैयार हो गए थे। लेकिन उसके ससुराल वालों ने फिर भी हमारी बेटी को मार डाला। मामा ने आरोप लगाया कि एक कार की डिमांड भी ससुराल वाले कई दिनों से कर रहे थे। इसे लेकर वर्षा के साथ मारपीट भी की गई।
भाग क्यों गया उसका ससुर
वर्षा की मां ने बताया कि मंगलवार सुबह वर्षा के ससुर का फोन आया। उन्होंने कहा कि वर्षा हंगामा कर रही है, इसेे ले जाओ। उसके पापा ने तबीयत का हवाला देकर दो दिन बाद ले जाने की बात कही। लेकिन शाम चार बजे किसी का फोन आया कि आपकी बेटी ने फांसी लगा ली और उसे पीजीआई लेकर गए हैं। जब हम यहां पहुंचे तो गेट पर उसका ससुर खड़ा मिला। उसने आते ही कहा कि वह अंदर है, जाकर देख लो। मृतका की मां का कहना है कि उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को पीटा गया होगा। इतना सुनते ही ससुर वहां से भाग गया। तभी हमें शक हो गया था कि हमारी बेटी के साथ कुछ अनहोनी हो चुकी है।
घंटों पड़ा रहा शव
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दोपहर साढ़े तीन चार बजे इस लड़की को एक व्यक्ति यहां लाया था। डॉक्टर ने तुरंत उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद भी उक्त व्यक्ति ने शव को वहां से नहीं हटाया। ऐसे में शव घंटों इमरजेंसी के आईसीयू के सामने पड़ा रहा। मृतका के मामा का आरोप है कि वर्षा के मर जाने का पता चलते ही उसके ससुर ने उसके गहने उतार लिए और बाहर आ गया। जब मायके वाले पहुंचे तो वह भाग गया।
पुलिस को भी पता नहीं चला
बताया जा रहा है कि वर्षा की मौत दोपहर साढे़ तीन से चार बजे के बीच हुई। लेकिन पुलिस परिजनों के पहुंचने के बाद ही पहुंची। पीजीआई थाने से आए पुलिसकर्मियों ने मामले की जानकारी ली और आर्यनगर पुलिस चौकी का बताया। लेकिन आर्यनगर पुलिस चौकी इंचार्ज वेदप्रकाश रात करीब आठ बजे पीजीआई पहुंचे और परिजनों को चौकी में चल कर बयान लिखवाने की बात कही। मृतका के मामा ने बताया कि रात साढ़े नौ बजे बयान दर्ज किए गए।