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बैड गवर्नेंस ने बढ़ाया धोखाधड़ी के पीड़ित का दर्द

Fri, 26 Dec 2014 02:53 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/रोहतक
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भारतीय स्टेट बैंक के एक खाते से दो लाख 66 हजार 416 रुपये 35 पैसे की खरीददारी हो गई और उपभोक्ता को पता ही नहीं चला।
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उपभोक्ता परेशान है, क्योंकि बैंक से लेकर पुलिस थाने तक कोई उसकी फरियाद सुनने को तैयार नहीं हुआ। आखिर वह डीएसपी विजयपाल के पास पहुंचा तो उन्होंने सिटी थाना प्रभारी को जांच का आदेश दिया।

बृहस्पतिवार दोपहर उसके पास एक फोन आया। कहा गया, वह मामला पुलिस में न दे, उसके पैसे वापस जमा करा दिए जाएंगे। लेकिन यह आश्वासन भी जांच के बाद फर्जी मिला।
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यहां यह बात उल्लेखनीय है कि सीएम मनोहर लाल ने अफसरों को स्पष्ट आदेश दे रखा है कि किसी भी पीड़ित की पहले शिकायत दर्ज की जाए थाने की सीमा का निर्धारण उसके बाद करना चाहिए। इससे पीड़ित और परेशान नहीं होता है। मगर बैंक उपभोक्ता से धोखाधड़ी के मामले में हुआ उल्टा।
    यह मामला घटित हुआ है गांव बनियानी निवासी सोमबीर के साथ। पीड़ित ने रोष जताते हुए बताया कि उसने कच्चा बेरी रोड स्थित एसबीआई के अपने खाते में आठ दिसंबर को दो लाख रुपये का चेक व 50 हजार रुपये जमा कराए थे। इसके बाद 11 दिसंबर को 15 हजार रुपये जमा कराए, इससे पहले भी खाते में कुछ रुपये थे। 22 दिसंबर को उसके मोबाइल पर एसएमएस आया। फिर दोबारा 23 दिसंबर को एसएमएस आया। उसने दोनों ही एसएमएस 23 दिसंबर को ही देखे तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। क्योंकि उसके द्वारा कोई खरीददारी नहीं की गई और एसएमएस में बताया गया कि उसके खाते से 22 व 23 दिसंबर को 13 हजार 998 रुपये की खरीददारी हुई है। जब एटीएम में जाकर जांच की तो पता चला कि उसके खाते में 2 लाख 66 हजार 428 रुपये के स्थान पर महज 11 रुपये 65 पैसे ही हैं।

बैंककर्मियों ने टरकाया
इसके बाद वह 24 दिसंबर को शाम चार बजे बैंक में गया, लेकिन उन्होंने कुछ भी जानकारी देने व कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके लिए उसने कर्मचारियों से फरियाद करते हुए प्रबंधक से मिलने की गुहार लगाई, लेकिन उसे मिलने नहीं दिया गया। कर्मचारी अडे़ रहे कि अधिकारी किसी कार्य से बाहर हैं।

पुलिस ने भी किया परेशान
कार्रवाई होती न देख वह सिटी थाना गया, लेकिन यहां से उसे सदर थाना भेज दिया गया। दोनों थानों के बीच वह चक्कर काटता रहा। इसके बाद 25 दिसंबर को उसके पास एक मोबाइल नंबर से कॉल आई, इसमें उसे कहा गया कि वह एफआईआर न कराए उसके पैसे वापस जमा करा दिए हैं। वह बैंक अकाउंट चेक कर सकता है। एटीएम में जाकर देखा तो पता चला कि उसके खाते में एक भी पैसा जमा नहीं हुआ।
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डीएसपी ने सुनी फरियाद
अंत में परेशान हो कर वह डीएसपी से मिला और मामले से अवगत कराया। पुलिस अधिकारी ने एसएचओ सिटी को निर्देश देते हुए कहा कि वह मामला दर्ज कर साइबर एक्सपर्ट से जांच करा कर स्थिति स्पष्ट करें। इसके लिए पीड़ित ने एक शिकायत की कापी उपायुक्त को भी दी है।

वर्जन
हमारे पास बैंक खाते से रुपये फर्जी तौर पर निकाले जाने की शिकायत आई है। शुक्रवार को मामले की जांच कर एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी।
-रतन सिंह, थाना शहर प्रभारी।
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