आर्मी की चिंकारा कैंटीन में लिकर वितरण पर रोक के विरोध में पूर्व सैनिकों ने कैंटीन पर जमकर हंगामा किया।
कैंटीन के मैनेजर ने पूर्व सैनिकों को समझाकर लौटा दिया है। पूर्व सैनिकों का आरोप है कि सिर्फ इसी कैंटीन में रोक लगाई गई है जबकि एनसीसी कैंटीन में वितरण किया जा रहा।
रोक की वजह स्पष्ट नहीं की जा रही है।
पूर्व सैनिकों ने बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे सैनिक कल्याण बोर्ड में जाकर शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें देव कॉलोनी स्थित चिंकारा कैंटीन से लिकर का वितरण नहीं किया जा रहा।
इसके बाद खासी तादाद में पूर्व सैनिक कैंटीन पहुंच गए। पहले बाहर जमकर हंगामा किया। उसके बाद कैंटीन मैनेजर से मिलकर नाराजगी जताई।
लगाए आरोप, उठाए सवाल
पूर्व सैनिकों ने आरोप लगाया कि स्टोर में स्टॉक भरा है। बताया कि 22 सितंबर को एक नोटिस कैंटीन के बाहर चस्पा कर अचानक वितरण पर रोक लगा दी।
पूर्व सैनिक तीर्थ कुमार ने बताया कि 22 सितंबर को लगाया नोटिस महज 15 अक्टूबर तक रोक का था। आज जब कैंटीन पर आए तो नया आदेश लगा दिया गया कि अगले निर्देशों तक वितरण पर रोक रहेगी। तीर्थ कुमार का कहना था कि यह कहीं नहीं लिखा गया है कि किसके निर्देश से? क्यों और कब तक रोक लगाई गई है? ऐसे में कई सवाल उठने लाजिमी है। एक अन्य पूर्व सैनिक का कहना था कि चुनाव के मद्देनजर रोक लगाने का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि आज तक कभी वितरण पर इस वजह से रोक नहीं लगी। पूर्व सैनिकों ने सवाल उठाया कि यदि रोक का आदेश ऊपर से ही आया है तो फिर एनसीसी कैंटीन में वितरण बंद क्यों नहीं हुआ। सिर्फ यहीं पर क्यों? कैंटीन मैनेजर ने पूर्व सैनिकों को एक पत्र हेडक्वार्टर को लिखने की सलाह देकर शांत कराया दिया।
जयपुर हेडक्वार्टर से हैं निर्देश
हेडक्वार्टर 61 सब एरिया जयपुर से वितरण पर रोक के निर्देश हैं। अगले आदेशों तक रोक होने के कारण वितरण बंद किया गया है। आदेश आते ही वितरण शुरू कर दिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर रोक नहीं लगाई गई है। -मेजर एसएस धारीवाल, कैंटीन मैनेजर