हार्ट अटैक की स्थिति में तुरंत मदद न मिल पाने के कारण बहुत से लोग असमय मौत का शिकार हो जाते हैं। भारत समेत यह पूरी दुनिया की समस्या है।
इन हालातों से निपटने के लिए एक डच स्टूडेंट एलेक मोमोंट ने एम्बुलेंस ड्रोन जैसा दिखने वाला फ्लाइंग डीफाइब्रीलेटर तैयार किया है। एलेक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं।
19 हजार डॉलर की कीमत वाली यह डिवाइस एमरजेंसी मोबाइल कॉल ट्रैक करती है और जीपीएस के जरिए अपने गंतव्य की ओर बढ़ने लगती है। इसे चला रहे ऑपरेटर्स ऑन बोर्ड कैमरे के जरिए मरीज को देख सकते हैं, उससे बात कर सकते हैं और उसे परामर्श भी दे सकते हैं।