एमडीयू में हंगामे थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं।
सोमवार को शारीरिक शिक्षा विभाग के छात्रों ने दाखिलों में हो रही धांधली के विरोध में रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
छात्रों का आरोप है कि आए दिन किसी न किसी विभाग का प्राध्यापक अपने चहेते विद्यार्थियों को नियमों से बाहर जाकर दाखिला देने की वजह से पकड़ा जा रहा है।
फिर भी कुलपति एच.एस. चहल कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे बैठे हैं। छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही वीसी और रजिस्ट्रार ने इसके विरोध में कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वह छात्र संगठन के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
दोषी प्राध्यापक पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
शिक्षा विभाग में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के नेता अनिल मायना और सुधीर ने बताया कि चार दिन पहले राजनीतिक शास्त्र विभाग में एक छात्रा ने प्राध्यापक की धांधली को उजागर किया था। प्राध्यापक के दोषी पाए जाने के बाद भी उन पर अभी तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। उक्त प्राध्यापक को उसकी कमेटी में ही रखा गया है। इस दौरान अतुल, सागर, हरदीप, मंदीप, संदीप छिकारा, मोनू, अमित, सुमित मौजूद रहे।
दो माह में 17 हंगामे : विवि प्रशासन पिछले दो माह से दाखिलों में धांधली, फीस वृद्धि, व परीक्षा में 0 से 3 अंक दिए जाने के चलते 17 बार विवादों में उलझा रहा है।
अगस्त माह में हुए विवाद
7 अगस्त- फेल करने पर नेकीराम कालेज के छात्रों ने किया हंगामा।
8 अगस्त- गुपचुप रद किए इंटरव्यू को लेकर कुलपति के चैंबर में हंगामा।
9 अगस्त- फीस वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन।
12 अगस्त- एमडीयू हॉस्टल में आधी रात को शीशे तोडे़।
13 अगस्त- देर रात काउंसिलिंग को लेकर हंगामा।
17 अगस्त- एमडीयू एक्ट से परेशान हो रहे छात्रों ने किया प्रदर्शन।
27 अगस्त- फीस वृद्धि को लेकर प्रदर्शन।
सितंबर माह में हुए विवाद
2 सितंबर- फीस मामले को लेकर फिर से हंगामा।
4 सितंबर- गेट बंद करने पर नाराजगी, हंगामा।
5 सितंबर- एमडीयू कर्मी एसडीएम पर बरसे, कुलपति को खरी खरी।
18 सितंबर- बढ़ी फीस के विरोध में प्रदर्शन।
20 सितंबर- खराब रिजल्ट को लेकर हंगामा।
21 सितंबर- एमफिल की काउंसिलिंग में छात्रों का हंगामा।
22 सितंबर- रिटायरमेंट उम्र काउंसिलिंग को लेकर विवाद।
23 सितंबर- एमडीयू में हंगामा कुलपति को सुनाई खरी-खरी।
25 सितंबर- छात्रों ने प्रवेश गेट को लेकर किया हंगामा।
26 सितंबर- गैर शिक्षक कर्मचारी हड़ताल पर।