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आरोपी गिरफ्तार मगर किया पहचानने से इंकार

Wed, 24 Sep 2014 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
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पीजीआई में हड़ताल के मामले में मंगलवार को पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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बावजूद इसके डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। चिकित्सकों का कहना है कि पुलिस ने जिसे गिरफ्तार किया है, उसने मारपीट नहीं की है। पुलिस ने आरोपी को बचाने को लिए गलत आदमी को गिरफ्तार किया है।

वहीं मरीज के परिजनों का कहना है कि जब डॉक्टर ही उसे पहचानने से मना कर रहे हैं तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार क्यों किया। उन्होंने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है।
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पीजीआई के वार्ड 14 में भर्ती सोनीपत जिले के बिलबिलावन निवासी बच्ची अंकिता की 19 सितंबर को उपचार के दौरान मौत हो गई थी। बच्ची की मौत पर परिजन भड़क गए और हंगामा हो गया था।

ड्यूटी पर तैनात डॉ. जसबीर ने आरोप लगाया था कि बच्ची के परिजनों ने उन पर हमला कर दिया। वहीं, बच्ची के परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण अंकिता की मौत हुई है।

हमले के आरोपियों और सुरक्षा पुख्ता किए जाने की मांग पर यहां के चिकित्सक पांच दिन से हड़ताल पर हैं। पुलिस ने डॉक्टर की शिकायत पर बच्ची के परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पीजीआई थाना पुलिस ने हमले के एक आरोपी बच्ची के मामा समरगोपालपुर निवासी सुशील को गिरफ्तार किया है। लेकिन अब डॉक्टरों का कहना है कि सुशील ने डॉ. जसबीर के साथ मारपीट नहीं की। पुलिस आरोपी को बचाना चाहती है और गलत व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उनका कहना है कि जब तक सही आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक हड़ताल नहीं खुलेगी।
सुशील की गिरफ्तारी को बताया गलत
बच्ची के परिजनों और समरगोपालपुर के सरपंच रघुबीर ने पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा बताया है। उन्होंने कहा कि खुद डॉ. सुशील को निर्दोष बता रहे हैं, उसके बावजूद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कहा, सुशील पूरा समय पीजीआई में अंकिता के पास ही था। परिजनों का कहना है कि उन्होंने डॉक्टर के साथ मारपीट की ही नहीं। अगर की होती तो सुशील भी उसमें शामिल होता। कहा उन्होंने भी पुलिस को डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत दी है। एसपी से भी मुलाकात की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
तीन दिन का दिया समय
बच्ची के परिजनों ने पुलिस को कार्रवाई के लिए तीन दिन का समय दिया है। अगर तीन दिन में पुलिस डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है तो आसपास के गांवों के साथ मिल पंचायत की जाएगी। पंचायत में जींद रोड को जाम करने या फिर रेलवे ट्रैक जाम करने का फैसला लिया जा सकता है।
वर्जन:::::
चिकित्सकाें ने शिकायत दी थी कि अंकिता के परिजनों ने उनके साथ मारपीट की है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सुशील को गिरफ्तार किया गया है। उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
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एमआई खान, प्रभारी, पीजीआई थाना

वर्जन:::::
जिस व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कया है, उसने डॉक्टर जसबीर पर हमला नहीं किया। सही आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है। जब तक सही आरोपी गिरफ्तार नहीं होता है तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
डॉ. वरुण, पीजीआई।
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