डी पार्क स्थित सीएम आवास के बाहर रविवार सुबह से ही मीडिया और कार्यकर्ताओं का मजमा लगा रहा।
दिल्ली से सीएम के आने का इंतजार कर रहे कार्यकर्ता मायूस होकर लौटने लगे और जनादेश की तस्वीर साफ होने लगी तो साढ़े 11 बजे सीएम की पत्नी आशा हुड्डा कार्यकर्ताओं से मिलने बाहर आई।
कार्यकर्ताओं से घिरीं आशा हुड्डा मीडिया से मुस्करा कर मिलीं, लेकिन राजनीतिक सवालों से बचती नजर आईं। प्रदेश में कांग्रेस की हार के कारणों पर कहा कि वे राजनेता नहीं हैं।
हां इतना जरूर है कि हार के कुछ न कुछ तो कारण रहे होंगे। केवल रोहतक का विकास कराने के सवाल पर कहा, हमेशा काम किया है, पूरे प्रदेश का विकास कराया है। भाजपा की जीत पर कहा, जनता ने जिसे पसंद किया है, वो राज करेगा। कार्यकर्ताओं को परिवार का सदस्य कहकर उनका हौसला बढ़ाया। सत्ता जाने की मायूसी पर कहा, लोग बदलाव चाहते थे। हमने हार और जीत देखी है। राजनीति है हार-जीत होती रहती है।
हार से उदास नहीं होंगे सीएम
कांग्रेस की हार पर सीएम की उदासी के बार में पूछा तो उनकी पत्नी आशा मुस्करा गईं। कहा, हुड्डा कर्म में विश्वास रखते हैं। विकास कराया और काम किया। हां, थोड़ी मायूसी जरूर होती है।
परिवार को समय देने का सवाल
सीएम परिवार को कितना समय दे पाए? अब उनकी पत्नी क्या सोचती हैं? आशा हुड्डा ने कहा कि सीएम हमेशा अनुशासित रहे हैं। उनकी दिनचर्या में ज्यादा फर्क नहीं होता। उन्होंने सीएम रहते हुए भी समय देने की पूरी कोशिश की है।