भारत के सर्वकालिक महान एथलीटों में शुमार और 'उड़न परी' के नाम से जानी जाने वाली पीटी ऊषा ने एथलेटिक्स में भारत का नाम ऊंचा किया। पी टी ऊषा का पूरा नाम पिलावुळ्ळकण्टि तेक्केपरम्पिल उषा है। उनका जन्म 27 जून 1968 को केरल में हुआ। 'भारतीय ट्रैक एंड फ़ील्ड की रानी' कहलाने वाली पीटी ऊषा ने एशियाई खेलों में भारत को अभूतपूर्व सफलता दिलाई। नई दिल्ली एशियाड में ऊषा ने 100 मीटर और 200 मीटर में रजत पदक जीतकर तहलका मचा दिया। एक साल बाद ही कुवैत में एशियाई ट्रैक और फ़ील्ड प्रतियोगिता में एक नए एशियाई कीर्तिमान के साथ उन्होंने 400 मीटर में स्वर्ण पदक जीता। इससे न केवल भारत में एथलेटिक्स में संभावनाएं जगीं बल्कि नए खिलाड़ी भी इस ओर आकर्षित होने लगे। उषा ने अब तक 101 अन्तरराष्ट्रीय पदक जीते हैं। इस समय वे दक्षिण रेलवे में अधिकारी पद पर कार्यरत हैं। 1985 में उन्हें पद्मश्री व अर्जुन पुरस्कार दिया गया। भारत में एथलेटिक्स को बढ़ावा देने के लिए ऊषा दौड़-कूद विद्यालय चलाए जा रहे हैं।