जनता पार्टी के अध्यक्ष डा. सुब्रमण्यम स्वामी को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से क्या नाराजगी है, कोई नहीं जानता। लेकिन एक बात सब जानते हैं कि स्वामी समय समय पर सोनिया और उनके पार्टी सहयोगियों के खिलाफ मामले उठाते रहते हैं। 2004 में सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे को उठाकर उनके प्रधानमंत्री बनने का सबसे पहला विरोध डा. स्वामी की तरफ से ही आया था। यही नहीं बोफोर्स कांड में भी स्वामी के सनसनीखेज खुलासों ने सोनिया को परेशान कर दिया है।
स्वामी ने एक बार एशियन ट्रिब्यून को दिये गए एक इंटरव्यू में सोनिया पर राजीव गांधी की हत्या कराने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। बकौल स्वामी 'मेरे हिसाब से राजीव गांधी की हत्या सोनिया गांधी ने करायी है, क्योंकि पूर्व में उनके संबंध फलस्तीन के हबाश समूह से थे, जिसने लिट्टे को ट्रेनिंग दी थी।' यही नहीं ट्विटर पर भी स्वामी सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ लिखते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने ट्विटर पर सोनिया को 'विषकन्या' कह डाला।
लेकिन दूसरी तरफ सोनिया गांधी स्वामी के किसी भी आरोप का जवाब नहीं देतीं। सोनिया की ये विशेषता है कि वो अपने विरोधियों को गैर जरूरी करार देते हुए चुप्पी साध लेती हैं और यही उनका सबसे बड़ा हथियार है।