उत्तर प्रदेश में मायावती और मुलायम सिंह यादव की दुश्मनी जगजाहिर है। दोनों ही प्रदेश की बड़ी पार्टियों के मुखिया हैं और दोनों ही एक दूसरे की शक्ल तक देखना पसंद नहीं करते। 1994 से पहले मायावती और मुलायम सिंह का कद इतना बड़ा नहीं था, जितना आज है। 1993 में मुलायम सिंह ने मायावती के समर्थन से सरकार भी बनाई थी, लेकिन बाद में मायावती द्वारा समर्थन वापस लिए जाने पर सरकार गिर गई थी। 1995 के 'स्टेट गेस्ट हाउस कांड' ने दोनों के रिश्तों को नीम सा कड़वा कर दिया। इतना कड़वा कि दोनों ही एक दूसरे के लिए नाम का उच्चारण करते समय अजीब सा मुंह बना लेते हैं।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दो जून 1995 को हुए चर्चित गेस्ट हाउस कांड ने मायावती और मुलायम सिंह यादव के बीच दुश्मनी के बीज बो दिए। इसी गेस्ट हाउस में मायावती पर जानलेवा हुआ। आरोपियों में सपा के कार्यकर्ता और विधायक तक शामिल थे। मायावती इस जानलेवा हमले में तो बच गई लेकिन इसके बाद मुलायम सिंह की कट्टर दुश्मन बन गई।