मानसून में देर होने पर पूर्वी उत्तर प्रदेश में मेंढक और मेंढकी की शादी कराई जाती है। इन दोनों को सुंदर वस्त्र पहनाकर कलावे की माला पहनाई जाती है। बाकायदा मंत्रोच्चार के बीच इनका विवाह किया जाता है। इस दौरान गांव भर में दावत भी की जाती है। ऐसी मान्यता है शादी से खुश होकर मेंढक टर्राता है तो बारिश होती है।