आसाराम बापू जाने माने संत हैं। जनता के उद्धार का दावा करने वाले आसाराम बापू के लाखों भक्त हैं। कई शहरों में बापू के आश्रम चल रहे हैं। लेकिन बापू के खिलाफ कई ऐसे मामले निकले हैं जिनसे ऐसा लगता है कि बाबा में धैर्य की कमी है। कई प्रकरण बताते हैं कि बाबा पैसे का मोह पाल रहे हैं, हिंसक होते जा रहे हैं। कुछ ऐसे ही मामले हैं जो दिखाते हैं कि बाबा और आम आदमी में कोई फर्क नहीं है। फिर क्यों इन्हें महिमा मंडित किया जाता है।
ऐसे ही कुछ तीखे आरोप आसाराम बापू पर लगे हैं। इन आरोपों में कितना दम है? क्या ये आरोप सही हैं या इनके पीछे कोई राजनीति छिपी है बापू को बदनाम करने की। देखते हैं इन आरोपों और इनके खंडन को।