फर्रुखाबाद। सिखलाई रेजीमेंट सेंटर के चटर्जी मैदान को बड़े ही करीने से सजाया गया था। मौका था पासिंग आउट परेड का। परेड में शामिल 97 जवानों ने देश पर मर मिटने की सौगंध ली।
सोमवार को सिखलाई रेजीमेंट सेंटर का चटर्जी परेड ग्राउंड फिर इतिहास का साक्षी बना। सुबह से ही मैदान पर परेड़ देखने के लिए जवानों के अभिभावकों और अधिकारियों के साथ ही सेवानिवृत्त हो रहे जवानों की भीड़ सीटों पर विराजमान थी।
कमांडेट ब्रिगेडियर एसके सेंगर के आने के साथ ही परेड़ की कार्यवाही शुरू हुई। ब्रिगेडियर ने परेड़ का बारीकी से निरीक्षण किया। एडज्यूटेंट मेजर विश्वकर्मा एसजे ने जवानों को देश की रक्षा करने की शपथ दिलाई। ट्रेनिंग सूबेदार मेजर अर्जन सिंह के साथ आरटी जेसीओ सरबजीत सिंह ने क्रमश: राष्ट्रध्वज और गुरुग्रंथ साहिब को जवानों के आगे रखा। कमांडेट ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि हर जवान में पासिंग आउट परेड में कसम खाने के बाद नई ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि देश की सवा करोड़ जनता के बीच 13 लाख फौज के जवान हैं। सभी को देश की रक्षा करने के लिए बदन पर वर्दी नहीं मिलती है। सेना मेें शािमल होकर भारत माता की रक्षा करने वाले बिरले ही होते हैं। कहा कि कसम खाने के बाद नई रेजीमेंट में जाना होगा। रेजीमेंट को अपनी मां की तरह मानना। कोई भी गलती करने से पहले सोचना कि आपकी गलती की वजह से आपकी मां की इज्जत खतरे में पड़ सकती है। कहा कि सदैव अनुशासन में रहने से तरक्की अपने आप कदम चूमेगी। इस दौरान डिप्टी कमांडेट कर्नल विजय काला आदि मौजूद रहे।