वैज्ञानिकों ने कैंसर के परीक्षण का एक नया तरीका ईजाद किया है जिससे 13 साल पहले ही पता चल जायेगा कि किसी को कैंसर होने के संभावना कम हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह भविष्यवाणी पूर्णतया सटीक होंगी। इस खोज के लिए हावर्ड और नार्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने यह शोध किया है। इसी से संबंधित शोध पर स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय भी काम कर रहा है।
यह शोध ऑनलाइन पत्रिका एबोमेडिसिन में प्रकाशित हुई है। जिसमें यह बताया गया है कि क्रोमोजोम के सिरों पर एक सुरक्षात्मक घेरा पाया गया है जो डीएनए को डैमेज होने से रोकता है। परीक्षण के दौरान पाया गया कि टेलोमेर्स जो , बहुत छोटे होतें हैं और उन्होंने अचानक सिकुड़ना बंद कर दिया। यह प्रक्रिया कैंसर के विकसित होने के 4 साल पहले तक चलेगी तथा टेलामर्स और भी सिकुड़ सकते है।
कैंसर के विकसित होने के बाद ये सिकुड़ना बंद हो जाएगा। इस शोध में शामिल, लिफांग हो ने कहा कि इस रिसर्च के दौरान हमने कैंसर की एक विस्तृत विविधता देखी। सही परीक्षण के बाद ही हम इसे कैंसर की विस्तृत विविधताओं का निदान कर सकते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि लोग यह बिल्कुल नहीं चाहते होंगे कि उन्हें यह पता चले कि उन्हें भविष्य में कैंसर होगा। यह खोज उन्हें जोखिम कम करके जीवन शैली जीने की ओर प्रेरित करेगा।