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न छूना लड़कियों का पर्स, यहां मौजूद हैं ये बड़े खतरे

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कहते हैं लड़कियों के पर्स में कभी हाथ नहीं डालना चाहिए। शिष्टाचार से दीगर अगर सेहत की नजर से देखें तो लड़कियों के पर्स में वाकई ऐसी कई चीजें मौजूद हैं जिनका संपर्क कई बार आपके लिए किसी सेहत से जुड़ी दिक्कत की वजह हो सकता है।
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जानिए, आमतौर पर लड़कियों के पर्स में पाई जाने वाली ऐसी कुछ चीजों में ऐसे हानिकारक केमिकल होते हैं जो उनकी सेहत के लिए खतरे का इशारा हो सकती है।

लेदर बैग्स

सेंटर फॉर इन्वॉयर्मेंटल हेल्थ के वैज्ञानिकों का मानना है कि कई बार लेदर पर्स को असली लेदर का लुक देने के लिए उनमें बहुत अधिक मात्रा में लीड का इस्तेमाल होता है जो शरीर के लिए टॉक्सिन का काम करता है।

लिपस्टिक या लिपग्लॉस

लिपग्लॉस कई बार होठों पर अल्ट्रावॉयलेट किरणों का खतरा बढ़ाते हैं जिससे त्वचा के कैंसर का रिस्क अधिक होता है। एक अन्य शोध में पाया गया कि लिपस्टिक में ‌लीड का इस्तेमाल अधिक होता है जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

कई शोधों में माना गया है कि अधिकतर लिप बाम पे‌ट्रोलियम बेस्ड होते हैं यानी ये त्वचा को नमीं कुछ समय के लिए तो देते हैं पर इनका नियमित इस्तेमाल त्वचा को ड्राइनेस अधिक देता है। ऐसे में अच्छे ब्रांड का लिप बाम फिर भी बेहतर विकल्प हो सकता है।

पानी की बोतल

अक्सर लड़कियां पर्स में छोटी प्लास्टिक की बोतल भी लेकर चलती हैं। शोधों की मानें तो इसमें मौजूद बीपीए नामक केमिकल स्वास्थ्य के लिए हार्मोनल समस्याओं की बड़ी वजह हो सकता है।

मोबाइल फोन

पर्स में मोबाइल फोन रखना आम है। लंदन के शोध की मानें तो मोबाइल फोन पर टॉयलेट शीट से भी अधिक कीटाणु होते हैं जो पूरे पर्स में संक्रमण फैलाते हैं और इसमें मौजूद चीजों में भी फैल सकते हैं।

आसान उपाय है कि फोन को भी अक्सर एंटीबैक्टीरियल वाइप्स से साफ करें।
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प्रिंटेड बिल

आजकल दुकानों पर कंप्यूटराइज्ड बिल का जमाना है। इन कंप्यूटराइड्ज बिल पर प्रिंटिंग के अलावा बीपीए नामक नुकसानदायक केमिकल की भी कोटिंग होती है।

ऐसे में पर्स की नियमित सफाई और बिना काम के कागजों को हटाने में आलस न करना जोखिम भरा हो सकता है।
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