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जानिए, अपनी हंसी के बारे में दस खास बातें!

Sun, 02 Nov 2014 07:45 AM IST
प्रोफेसर सोफी/स्कॉट यूनीवर्सिटी कॉलेज, लंदन
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जब पहली बार कोई किसी को हंसाता है तो उसे लगता है कि वह फिर ऐसा करे। वह करता है और पहले से बेहतर करता है। हंसी में ऐसा क्या मजा है।
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जाने माने मनोवैज्ञानिक और शौकिया कॉमेडियन प्रोफेसर सोफी स्कॉट हंसी के बारे में दस बातें बताते हैं। मुमकिन है कि ये बातें आपको पता न होंगी।

चूहे चंचल होते हैं-

क्या आप ने चूहों को हंसते हुए देखा है। वे चुटकुलों पर नहीं हंसते हैं। वे जब खेलते हैं, तभी हंसते हैं। आदमी भी कुछ कुछ ऐसा ही करते हैं। उनकी हंसी बताती है कि वे खुश हं और वे जितना खेलेंगे, उतना ही हंसेंगे।

आदमी की हंसी भी खेलते हुए आई है। यह कई स्तनपायी जीवों में देखा गया है। वह अपनी भावनाएं जाहिर करने के लिए हंसता है।

किस बात पर ज्यादा हंसते हैं लोग?

बड़ों से पूछिए कि वो किस बात पर हंसते हैं। ज्यादातर कहेंगे कि चुटकुलों पर। लेकिन वे गलत हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के मनोवैज्ञानिक रॉबर्ट प्रोविन कहते हैं कि हम दोस्तों से बातें करते वक्त सबसे ज्यादा हंसते हैं।

किसी बातचीत में हम चुटकुलों पर नहीं हंसते हैं, हम उनकी बातों पर हंसते हैं। हमारा हंसना कोई प्रतिक्रिया देना नहीं होता है बल्कि यह तो एक तरह का संवाद है।

दिमाग सब जानता है-

अपनी प्रयोगशाला में मैंने बनावटी हंसी और असली मुस्कुराहट के बीच का फ़ासला देखा है। दिमाग की तस्वीरें सच बयान करती हैं। वह सामने वाले की भावनाएं समझने की कोशिश करने में लग जाता है।

प्रयोग से पता चला कि दिमाग हमसे पूछे बगैर किसी की नकली हंसी की पड़ताल करने लग जाता है।

हंसी छूत की बीमारी है

आदमी के दिमाग की जांच से यह भी पता चलता है कि हंसी फैलती है। यहां तक कि जब कोई किसी बेवजह की बात पर भी हंसता है तो इसमें उसका दिमाग भी सक्रिय हो जाता है।

और जब कोई किसी और की बात पर हंसता है तो उनकी हंसी के सच्चे या झूठे होने की खबर मिलती है। और जब जवाबी हंसी छूत वाली हंसी से कुछ ज्यादा हो तो हंसी के पीछे वजह को समझना आसान होता है।

मजाक‌िया लोगों को आप जानते हैं?

कोई ये कहे कि मैं गाजर सूंघ कर बता सकता हूं तो ये कह रहा व्यक्ति अगर आपकी नजर में मजाक‌िया है तो आप को ज्यादा हंसी आएगी।

उस हंसी के केंद्र में आपकी उम्मीदें और हंसा रहे शख्स से आपका परिचय होता है। कॉमेडी क्लब में कॉमेडियन अक्सर दर्शकों के एनर्जी लेवल से अपना तारतम्य इसी तरह मिलाते हैं।

हंसी से सेहत और रिश्ते दोनों मजबूत होते हैं

इंटरनेट पर आपको इस तरह के कई दावे दिख जाएंगे जिनमें हंसी को आपकी सेहत के लिए फ़ायदेमंद बताए गए हैं। लेकिन अफसोस कि ये सच नहीं है पर दौड़ने की तुलना में हंसने से कहीं ज्यादा कैलोरी खर्च होती है।

हंसना हमारी धड़कनों की रफ्तार 10 से 40 फीसदी तक बढ़ा देता है और इससे ऊर्जा की खपत भी तेजी से होती है लेकिन नमकीन कुरकुरे की एक पैकेट से मिली ऊर्जा को खर्च करने के लिए आपको तीन घंटे तक ठहाके लगाने होंगे।

मनोवैज्ञानिक प्रोफेसर बॉब लेवेंसन ने कुछ जोड़ों को किसी संवेदनशील मसले पर ऐसी बातें करने के लिए कहा जो उनके साथी का मूड खराब कर दे। लेकिन जिन जोड़ों ने अपनी बात हंसते हुए कही, वे ज्यादा खुश दिखे।

इससे पता चलता है कि हंसी वो भावना है जिसका इस्तेमाल हम अपने करीबी लोगों को खुश रखने के लिए करते हैं।
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कुछ ही चीजों पर हम सब हंसते हैं

किसी की बातचीत में आपने देखा होगा कि लोग अक्सर अपनी बात खत्म करने के लिए हंसी का सहारा लेते हैं। इशारों में बात कर रहे लोग भी इसका सहारा लेते हैं। ये जानते हुए भी कि वे अगर चाहें तो पूरी बातचीत में खामोशी के साथ मुस्कुराते हुए रह सकते हैं।

हंसना किसी को खींचना है

क्या आप जब बिस्तर पर हों तो साथी पर हंस सकते हैं। एक अध्ययन में यह पाया गया था कि औरत और मर्द के बीच होने वाली तमाम बातों में हंसी मजाक सबसे ज्यादा बार दोहराया जाता है।

एक और शोध में यह कहा गया कि हम अजबनियों को भी इसी आधार पर आंकते हैं कि वह हमारे किसी चुटकुले पर किस तरह से हंसते हैं। किसी कॉमेडियन ने ऐसा कोई चुटकुला नहीं खोजा जिस पर सारी दुनिया में हंसा जाता है।

हमने अपने लैब में कुछ लोगों को वो वीडियो क्लिप्स दिखाएं जिनमें वे ऐसी किसी बात पर हंसी रोकने की कोशिश कर रहे थे, जहां हंसी आना लाज‌िम था कि वो हंस पड़े।
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