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बार-बार सिरदर्द के पीछे हो सकती है यह वजह

Fri, 30 Aug 2013 07:56 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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आप सिरदर्द से छुटकारे के लिए अगर बार-बार दवा लेते हैं तो भी आपका दर्द कम होने के बजाय बढ़ जाता है तो इसकी वजह पेनकिलर दवाएं भी हो सकती हैं। हाल में एक शोध में यह माना गया है।
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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ केयर एक्सेलेंस (नाइस) के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रोफेसर गिलियन लेंग बताती हैं कि जो लोग पेनकिलर दवाओं का सेवन बहुत अधिक करते हैं उन्हें सिरदर्द की समस्या अधिक होती है।

उन्होंने डेली एक्सप्रेस को बताया, ''यह जानना जरूरी है कि अलग-अलग तरह के सिरदर्द के लिए उपचार भी अलग-अलग तरह का होता है। ऐसे में पेनकिलर दवाएं भले ही सिरदर्द का एहसास कुछ समय के लिए न होने दें लेकिन इससे दर्द का उपचार नहीं हो पाता है और समस्या कम होने के बजाय बढ़ जाती है।''
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इस बारे में नाइस समूह से जुड़े न्यूरोलॉजिस्ट सैन लौंग ने भी माना है कि सिरदर्द का प्रभावी उपचार उसकी सही पहचान पर निर्भर करता है लेकिन पेनकिलर दवाओं का अधिक सेवन इस समस्या को खत्म करने का स्थायी तरीका नहीं हो सकता है।

शोधकर्ताओं का मानना है कि पेरासिटामोल, आइबूप्रोफेन और एस्पिरिन जैसी दवाओं के अधिक सेवन से बार-बार सिरदर्द होने का संबंध हो सकता है और शोध में दो तिहाई से अधिक लोगों ने बार-बार सिरदर्द होने की शिकायत की और माना कि वे बहुत अधिक पेनकिलर का सेवन करते हैं।

शोध में यह भी माना गया कि यह समस्या पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को अधिक है क्योंकि माइग्रेन की मरीज महिलाएं अधिक होती हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि इससे बचाव का सही तरीका यह है कि सिरदर्द के कारणों की पहचान करके उसके अनुसार दवा ली जाए, न कि पेनकिलर का सेवन करें।
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