कहते हैं जो बात जबान से नहीं कह सकते वे आंखों से कह दी जाती है। फिल्मों में भी हीरो हीरोइन एक दूसरे से आंखों ही आंखों में सब कुछ कह जाते हैं। असल जिंदगी की बात करें तो अक्सर प्रेमी और प्रेमिका एक-दूसरे की आंखों में आंखें डालकर करीब होने का एहसास करते हैं।
घंटों तक एक दूसरे की आंखों में डूबे रहने की बात करते हैं लेकिन हालिया शोध में इसके उल्टे परिणाम सामने आए हैं। आप सोच भी नहीं सकते कि आंखें प्यार बढ़ाने के बजाए आपके साथी या दोस्त के मन में आपके प्रति डर पैदा कर सकती हैं।
ऐसा इसलिए नहीं कि आंखों में कुछ खराबी है या गुस्सा है या बल्कि इसलिए क्योंकि देर तक एक दूसरे को घूरने से मतिभ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। यानि अब तक साधारण और प्यारा दिखने वाला इंसान कुछ अजीब और अलग ही दिखने लगता है।