धूम्रपान से दिमाग के सोचने-समझने की क्षमता पूरी तरह खत्म हो सकती है। हाल में हुए एक अध्ययन से इस बात का खुलासा हुआ है। किंग्स कॉलेज, लंदन के शोधकर्ता 50 साल से अधिक उम्र के सैकड़ों लोगों की जीवनशैली और उनके दिमाग की जांच के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं।
अध्ययन में पाया गया कि धूम्रपान से रक्तचाप और मोटापा बढ़ने के साथ ही इससे दिमाग पर काफी नकारात्मक असर होता है। शोध में शामिल लोगों ने नए शब्द सीखने और कुछ अन्य बातों का प्रशिक्षण लिया। इसके चार और 10 साल बाद इनके दिमाग की जांच की गई जिसमें पता चला कि सीखने-समझने की क्षमता और धूम्रपान का सीधा संबंध है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि लोगों को इसको लेकर जागरूक रहने की जरूरत है कि खराब जीवनशैली से दिमाग और शरीर, दोनों को नुकसान पहुंच सकता है।