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जानिए ऐसे 7 झूठ जिन्हें आप रोज सुनते हैं

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क्लास में लेट होना हो या दफ्तर से 'बीमारी' के नाम पर छुट्टी, बात जब बहाने की हो तो झूठ बोलना मानव व्यवहार का अहम हिस्सा माना जाता है।
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यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैलिर्फोनिया के शोध की मानें तो हम दिन में 10 से 200 बार झूठ बोलते हैं। इतना ही नहीं, इस शोध में यह भी माना है कि किसी भी जरूरी माटिंग के दौरान अक्सर लोग पहले 10 मिनट में कम से कम तीन बार झूठ तो जरूर ही बोलते हैं।

शोध के आधार पर जानिए ऐसे सात झूठ के बारे में, जिन्हें आप प्रतिदिन सुनते ही होंगे।

'मैं ठीक हूं'

शोधों की मानें तो हाल पूछने पर 'मैं ठीक हूं' कहने के पीछे कभी भी यह भाव नहीं होता है कि उत्तर देने वाला व्यक्ति वाकई ठीक है।

मेन्स हेल्थ में प्रकाशित शोध की मानें तो महिलाओं के मामले में 'मैं ठीक हूं' कहने के पीछे वजह आमतौर पर उलटी ही होती है।

'धन्यवाद, पर मैं अकेले ही कर लूंगा'

किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम या कोई जरूरी जिम्मेदारी को कंधों पर लेते वक्त अक्सर लोग यह कह ही देते हैं कि उन्हें मदद की जरूरत नहीं है।

शोध की मानें तो अक्सर लोग बॉस को खुश करने या उनका विश्वास जीतने के लिए ऐसा कह तो देते हैं पर इसके पीछे यह आशय नहीं होता है।

'मुझे इस काम के लिए आज समय ही नहीं ‌मिल पाया'

चाह आपके बॉस हों या क्लाइंट, आप अक्सर छोटे-छोटे काम के नाम पर इस तरह से बहाने बनाते ही होंगे।

मेन्स हेल्थ के शोध की मानें तो यह काम न कर पाने के सबसे लोकप्रिय बहानों में से एक है।

'आपसे मिलकर बहुत खुशी हुई'

यह संबोधन सुनने में जितना आत्मीय है, आप गौर करेंगे तो पाएंगे कि इसका इस्तेमाल आमतौर पर प्रोफेशनल गतिविधियों में ही सबसे अधिक होता है। अब आप खुद ही तय करें यह कितना सच है?

'आपका मैसेज बस अभी देखा'

किसी फोन या मैसेज को नजरंदाज करने के बाद भी अगर उससे सामना हो जाए तो आमतौर पर यह बात हम भरपाई के लिए कह ही देतें है।

मेन्स हेल्थ के सबसे सामान्य झूठों की सूची में यह झूठ भी बेहद आम है।

'आपका ईमेल शायद स्पैम में चला गया होगा'

किसी जरूरी मेल को अगर आपने नजरअंदाज किया है तो यकीनन यह बहाना भी आपने कभी न कभी बनया ही होगा।

शोधों की मानें तो दफ्तर में बोले जाने वाले झूठ में से यह झूठ बहुत अधिक प्रचलित है।

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'मुझे माफ कर दो'

शोध की मानें तो 95 प्रतिशत समय हम माफी मांगते वक्त इसे महसूस नहीं करते हैं और सामने वाले का मन रखने के लिए 'सॉरी' बोल ही देते हैं।

कम से कम गर्लफ्रेंड के मामले में तो आप ऐसा झूठ बोलते ही होंगे।

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