हाल में एक शोध में जीवन में सबसे अधिक खुशी और संतुष्टि वाली उम्र का पता लगाया गया है। प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का मानना है कि लोग उम्र के 23वें पड़ाव में सबसे अधिक खुश होते हैं, 50 के दौर में उनका उत्साह कम होता है और फिर 69 की उम्र में वे अधिक खुश रहते हैं।
प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता डॉ. हेन्स शेवैंड के अनुसार, 'शोध में हमने पाया कि 23 साल की उम्र में लोग अपने भविष्य को लेकर बहुत अधिक सकारात्मक होते हैं और भविष्य के सपने सजाते हैं।'
वहीं दूसरी ओर हेन्स का मानना है कि 69 साल तक की उम्र में लोग बुढ़ापे की चिंताओं से उबर चुके होते हैं, वे अनुभवी हो जाते हैं और जीवन के प्रति संतुष्टि आ जाती है जिससे उन्हें किसी अधिक दुख नहीं होता है और वे खुद को संतुष्ट महसूस करते हैं।
शोधकर्ताओं ने यह शोध 17 से लेकर 85 वर्ष की उम्र वाले 23,161 प्रतिभागियों पर किया है जिसमें उन्होंने उनकी आय से लेकर व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन से जुड़े कई पहलुओं पर अध्ययन किया है।
उनका मानना है कि 50 के पड़ाव में लोग अपनी आय, बुढ़ापे, परिवार आदि की चिंता सबसे अधिक करते हैं और दूसरों से अपनी तुलना करते हैं। इससे वे असंतुष्ट रहते हैं।