हो सकता है यह खबर पढ़कर महिलाएं थोड़ी दुखी हो जाएं लेकिन यह साबित हो गया है कि पुरुष महिलाओं से बेहतर गाड़ी चलाते हैं।
पुरुषों और महिलाओं में यह बहस काफी समय से चली आ रही है कि महिलाएं गाड़ी चलाते वक्त लापरवाह हो जाती हैं। वे इंडिकेशन दाईं तरफ का देती हैं लेकिन मुढ़ बाईं तरफ जाती हैं। इस बहस पर रोक लगाने के लिए एक शोध किया गया।
डेलीमेल की खबर के मुताबिक नॉर्वे के शोधकर्ताओं ने कुछ लोगों के दिमाग को जांचा जब वे गाड़ी चला रहे थे। यह इसलिए किया गया ताकि पता चल सके कि दिशाज्ञान में कौन बेहतर है। पुरुषों और महिलाओं को दिशाज्ञान से जुड़े कुछ काम दिए गए थे।
पुरुषों का हार्मोन बनाता है उन्हें बेहतर
इसमें सामने आया कि इस काम के लिए पुरुष दिमाग का दूसरा हिस्सा इस्तेमाल करते हैं, इसलिए वे बेहतर होते हैं। इसी शोध के लिए जब महिलाओं की जबान पर टेसटॉस्टेरॉन( पुरुषों में पाया जाने वाला हार्मोन) लगाया गया, तो उनका भी दिशाज्ञान सुधरा।
इस शोध के लिए 18 पुरुषों और 18 महिलाओं को 3डी चश्में और एक जॉयस्टिक दी गई। उनके सामने एक स्क्रीन और उस पर भूलभुलैया दिखाई गई।
उन्हें चश्मे और जॉयस्टिक के जरिए इस भूलभुलैया का रास्ता ढूंढना था। उनसे यह भी कहा गया कि अलग अलग रास्तों से हो कर पीली कार तक पहुंचें।
निर्धारित रास्ते पर ही चल पाती हैं महिलाएं
पाया गया कि पुरुषों ने महिलाओं के मुकाबले 50 प्रतिशत ज्यादा पहेलियां सुलझाईं। शोद के मुख्य शोधकर्ता डॉ कार्ल पिंटका के मुताबिक पुरुष और महिलाएं का रास्ता ढूंढने का तरीका अलग अलग होता है।
पुरुष मुख्य दिशाओं जैसे उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम का ज्यादा प्रयोग करते हैं। ये ज्यादा असरदार साबित होता है। जबकि महिलाएं एक रास्ता निर्धारित कर लेती हैं और उसी के मुताबिक चलती हैं।
जैसे वो तय कर लेती हैं कि पहले 'उस दुकान से दाएं फिर पेस्ट्री की दुकान से बाएं' जाना है।
शोध कहता है कि दिशाओं के मुताबिक चलना ज्यादा फायदेमंद रहता है। शोध में ली गईं दिमागी की तस्वीरों ने बताया कि पुरुष और महिलाएं ड्राइव करते वक्त अपने दिमाग का एक बड़ा हिस्सा इस्तेमाल करते हैं।