गरीबी और सेहत का संबंध सिर्फ इतना ही नहीं है कि गरीब व्यक्ति सही इलाज नहीं करवा पाता। जर्नल साइंस में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार गरीबी, व्यक्ति की मानसिक क्षमता को भी प्रभावित करती है।
शोधकर्ताओं के मुताबिक गरीबी के कारण व्यक्ति की काफी अधिक मानसिक ऊर्जा का इस्तेमाल होता है, इसलिए जीवन के दूसरे क्षेत्रों के बारे में सोचने के लिए व्यक्ति के पास बेहद कम मानसिक शक्ति बचती है।
अमेरिका की हार्वर्ड एंड प्रिंसटन यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ कोलंबियां, कैनेडा और लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में कहा है, ‘ गरीबी की स्थिति व्यक्ति की मानसिक क्षमता को इस हद तक प्रभावित करती है कि वे अपने जीवन को सुधारने के लिए किए जाने वाले दूसरे कामों पर ध्यान ही नहीं दे पाता है। गरीब व्यक्ति के गरीब ही बने रहने का भी यह एक मुख्य कारण है।’
शोध के दौरान आर्थिक स्थिति को लेकर परेशान रहने वाले लोगों के संज्ञान-संबंधी क्रियाकलापों में कमी देखी गई।