चाहे रात में जरूरी ईमेल चेक करना हो, बात करते-करते सो जाना या फिर फोन में अलार्म लगाकर सिरहाने रखना हो, फोन को साथ लेकर सोने की आपकी आदत सेहत की नजर से कई खतरे की वजह हो सकती है।
ऑफकॉम कंपनी द्वारा करवाए गए शोध की मानें तो हर दस में से आठ मोबाइल रखने वाला व्यक्ति सोते वक्त फोन साथ रखता है।
लंदन के द स्लीप स्कूल के शोधकर्ता डॉ. गाय मीडोज ने अपने शोध के आधार पर माना है कि सोते वक्त पास फोन रखने से हमारा मस्तिष्क नींद के दौरान भी अतिसक्रिय बनाता है जिससे नींद से जुड़ी दिक्कतें होती हैं और आप तनावमुक्त नहीं हो पाते हैं।
हॉवर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता चार्ल सीज़लर के अनुसार, ''रात में सोते वक्त मोबाइल फोन पास रखने का प्रभाव शरीर के प्राकृतिक व्यवहार को प्रभावित करता है। इससे मस्तिष्क को दिन और रात का अंतर तय करने में भ्रम हो सकता है।''
ऐसी स्थिति में शरीर में मेलाटोनिन नामक हार्मोन के नियंत्रण पर प्रभाव पड़ता है जिससे कोर्टिजोन नामक स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ता है और आप नींद के दौरान भी तनाव में रहते हैं।