शोधकर्ता माइकल यस्सा के अनुसार, ''रटने की अपनी सीमाएं हैं। एक ही चीज के बार-बार दोहराव की अपेक्षा उसे समझने या उस पर गौर करने से उससे जुड़ी बारीकियां देर तक याद करती हैं। इससे चीजें तुरंत तो याद हो जाती हैं पर उन्हें लंबे समय तक याद नहीं रखा जा सकता है।''
यह शोध फ्रंटियर्स इन बिहेवियरल न्यूरोसाइंस जर्नल में प्रकाशित हुआ है।