अगर आप नींद देर से खुलने के कारण दफ्तर लेट पहुंचते हैं तो यह जानकारी आपको इसका अच्छा बहाना देगी।
यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया पेरेलमेन स्कूल ऑफ मेडिसिन में हुए अध्ययन के अनुसार फ्लेक्सिबल टाइम होने या फिर काम के घंटों के देर से शुरू होने से इंसान बेहतर तरीके से नींद पूरी कर पाता है।
अध्ययन में पाया गया कि प्रत्येक घंटे की देरी पर लोगों को 20 मिनट अधिक सोने का मौका मिला।
अध्ययन में वयस्कों की स्लीपिंग और वर्किंग आदतों का विश्लेषण किया गया।
अध्ययन के अनुसार जिन लोगों के काम की शुरुआत सुबह 6 बजे होती थी, वे औसतन 6 घंटे की नींद ले पाते थे, वहीं जिन लोगों का वर्किंग टाइम 9 या 10 बजे से था, वे अमूमन साढ़े सात घंटे तक भी सो लेते थे।