90 प्रतिशत से अधिक महिलाएं खुद को फिजूल में दोषी मानकर तनाव से ग्रस्त हो जाती हैं। इससे बचना जरूरी है।
अक्सर कामकाजी महिलाएं ऑफिस और घर की चिंता में अपनी जिंदगी में तालमेल नहीं बिठा पाती। अगर आपके साथ भी ऐसा है, तो एक फॉर्मूला गांठ बांध लें। जब तक ऑफिस में हैं, वहां अपना सौ प्रतिशत दें और जब घर लौट आएं, तो ऑफिस को सौ प्रतिशत भूल जाएं।
ऐसे करके आप परिवार और बच्चों को पूरा टाइम दे पाएंगी और ऑफिस का तनाव भी नहीं रहेगा। इसी तरह शॉपिंग के कुछ घंटों बाद ही ज्यादा खर्च करने का मलाल भी बहुत सी महिलाओं को होता है।
जरा सोचिए, कैसा रहेगा कि अपनी थकान को मिटाने के लिए अगर आप किसी स्पा जातीं और वहां खर्च करतीं। ...तो शायद आपको खर्च का इतना मलाल नहीं होता, बल्कि आपको रिलेक्स महसूस होता। इसलिए खर्च करने से पहले अपनी प्राथमिकता और जरूरत जरूर ध्यान में रखें।