क्रिसमस सेलिब्रेशन, न्यू ईयर पार्टी और सर्दियों की छुट्टियां अब खत्म हो चुकी हैं लेकिन फिर भी अभी सामान्य दिनचर्या में लौटना आपको बहुत मुश्किल लग रहा है? थकान उतर नहीं रही? ऐसे बहुत से आपके व्यवहार में बदलाव कुछ समय तक नजर आते हैं जिसे 'हॉलीडे स्ट्रेस' कहना गलत नहीं होगा।
क्यों होता है 'हॉलीडे स्ट्रेस'
कई बार छुट्टियों पर हम कहीं जाते हैं तो उत्साह में इतनी अधिक गतिविधियां कर लेते हैं कि मानसिक व शारीरिक थकान हो जाती है। बहुत अधिक मौज-मस्ती कई बार हमारे तनाव को कम करने के बजाय बढ़ा भी देती है।
छुट्टियों में बहुत अधिक पार्टी, रुटीन से अलग जरूरत से ज्यादा डाइट या ड्रिंक ली या बहुत अधिक खर्च किया- इन कारणों से भी कई बार 'हॉलीडे स्ट्रेस' की आशंका बढ़ जाती है।
कई बार फैमिली ट्रिप पर हम एक-दूसरे के साथ बहुत अधिक समय बिताते हैं तो कभी अपनी मौज-मस्ती के बीच साथ में समय बिताना गौण हो जाता है। इन दोनों परिस्थितयों में इस प्रकार के तनाव की आशंका अधिक रहती है। ऐसे में सामान्य जीवन में एक-दूसरे के प्रति उदासीनता बढ़ जाती है।
मौसम का भी 'हॉलीडे स्ट्रेस' को बढ़ाने में बड़ा हाथ है। किसी हिल स्टेशन पर या तटीय इलाके में छुट्टियां मनाने के बाद वापस अपने आस-पास के तापमान व वातावरण के हिसाब से शरीर को ढलने में समय लगता है। इससे कई बार सीजनल एफेक्टिव डिसॉडर की समस्या हो सकती है।
कैसे कम करें 'हॉलीडे स्ट्रेस'
'हॉलीडे स्ट्रेस' से समाधान में सबसे अच्छी बात यह है कि इसके सभी कारणों का उपचार हमारे हाथ में है और हम पहले से ही इनसे बचने का प्रयास कर सकते हैं। किसी भी ट्रिप के बाद इस तरह का स्ट्रेस होना स्वाभाविक है इसलिए हम छुट्टियों की अच्छी प्लानिंग करके और छुट्टियों के बाद थोड़े आराम का समय निकालकर वापस अपने रुटीन में लौट सकते हैं।
इसके अलावा, जरूरी है कि हम अपनी प्राथमिकताएं निर्धारित करें, छुट्टियों के दौरान भी और छुट्टियों के बाद भी। इससे 'हॉलीडे स्ट्रेस' से निपटने में बहुत आसानी मिलती है और हम जल्द से जल्द अपने सामान्य रुटीन पर आ सकते हैं।