चाहें नजदीकियों भरे पल हों या फिर कोई इंटरव्यू सांसों की दुर्गंध न सिर्फ आपके व्यक्तित्व की खुशबू को काफूर करते है बल्कि सेहत से जुड़े कई खतरों का संकेत हो सकती है।
वैसे तो मुंह में अत्याधिक बैक्टीरिया की वजह से सांसों की बदबू की समस्या होती है लेकिन सांसों की बदबू से जुड़ी कई ऐसी वजहें भी हैं जो आपको यकीनन चौंकाएंगी।
बहुत अधिक तनाव
लंदन के फ्रेश ब्रीद सेंटर के शोध की मानें तो बहुत अधिक तनाव का संबंध भी सांसों की बदबू से हो सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, इसके पीछे शरीर की 'फाइट और फ्लाइट' स्थिति है।
तनाव के दौरान मुंह में लार कम बनती है जिससे बैक्टीरियल संक्रमण बढ़ जाते हैं और मुंह से बदबू आती है।
अधिक पानी का सेवन और तनाव मुक्त जीवनशैली से बचाव संभव है।
अधिक प्रोटीन युक्त डाइट का सेवन
अधिक प्रोटीन और कम कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट की अधिकता वजन तो घटाती है पर सांसों की बदबू भी बढ़ा सकती है। शोधों की मानें तो प्रोटीन की अधिकता वाली डाइट जिसमें कार्बोहाइड्रेट कम होता है, लिवर में कीटोन्स नामक केमिकल बनाती है जिसमें दुर्गंध होती है।
यही वजह है कि ऐसी डाइट के अधिक सेवन से सांसों में दुर्गंध की दिक्कत हो सकती है।
गलत माउथवॉश
जानकर आपको आश्चर्य होगा लेकिन गलत माउथवॉश भी सांसों की दुर्गंध बढ़ा सकता है। एल्कोहल युक्त माउथवॉश शरीर में एंटीड्यूरेटिक हार्मोन बना सकते हैं जिससे यूरीन नहीं पास होती और डीहाइड्रेशन की वजह से मुंह से बदबू आती है।
दवाओं का साइड इफेक्ट
सीने के दर्द में दी जाने वाली दवाएं (जिनमें नाइट्रेट हो), कीमोथेरेपी की दवा और क्लोरल हाइड्रेट युक्त दवाओं से सांसों में दुर्गंध हो सकती है।
हार्टबर्न
हार्टबर्न, एसिड रिफल्क्स आदि स्थिति में हैलिटोसिस की आशंका बढ़ जाती है। इस दौरान पेपसिन नामक एन्जाइम गले में पहुंच जाता है जो सांसों में दुर्गंध बढ़ाता है।