अगर आप इस गफलत में हैं कि सिर्फ महिलाएं ही हमेशा युवा दिखने की कशिश करती हैं और बढ़ती उम्र से डरती हैं तो आप गलत हैं। पुरुषों को भी बुढ़ापे का डर कुछ कम नहीं सताता।
ऐसे कई शोध हुए हैं जिन्होंने अपने अध्ययन के आधार पर माना है कि बढ़ती उम्र को लेकर पुरुषों में डर अधिक होता है। जानिए ऐसी पांच बातें, जिनका डर उम्र बढ़ने के साथ-साथ अक्सर पुरुषों को सताता है।
1. नपुंसकता
यूनिवर्सिटी ऑफ विंस्कोन्सिन के प्रोफेसर केन रॉबिन्स ने अपने अध्ययन के आधार पर माना कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ पुरुषों को सबसे अधिक चिंता कामेच्छा कम होने की सताती है।
इस बारे में एक ब्रिटिश शोध ने भी यह पुष्टि इस आधार पर की कि सामान्यतः पुरुष दिन में 13 बार सेक्स के बारे में सोचते हैं जबकि महिलाएं सिर्फ 5 बार। 2001 में पुरुषों की एक पत्रिका ने अपने अध्ययन में माना है कि पुरुषों में कैंसर से अधिक डर नपुंसकता को लेकर होता है।
2. कमजोरी
अमेरिकन गेरियाट्रिक्स सोसाइटी फॉर हेल्थ के शोध के अनुसार पुरुषों को बुढ़ापे में शारीरिक शक्ति के कम होने का भय बहुत सताता है। उन्होंने अपने शोध में हर 10 में से 9 व्यक्ति के मन में इस डर के होने का दावा किया है।
3. अकेलापन
न्यूयॉर्क के एल्बर्ट आइन्सटाइन कॉलेज ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं का मानना है कि पुरुषों को रिटायरमेंट के बाद अकेले होने और निरर्थक होने का भय अधिक सताता है। शोधकर्ता केन रॉबिन्स का मानना है कि पुरुष महिलाओं की तरह परिवार में घुल-मिलकर नहीं रह सकते इसलिए उन्हें ऐसा डर अधिक सताता है।
4. निर्भरता
एक अमेरिकी शोध के मुताबिक, पुरुषों में वृद्धावस्था के दौरान दूसरों पर बोझ बनने या निर्भर रहने का डर अधिक रहता है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि जीवन भर स्वतंत्रता, प्रभुत्व और महत्वाकांक्षा की सोच रखने के बाद बुढ़ापे में शरीर न साथ दे तो निर्भरता का एहसास उन्हें महिलाओं से अधिक कचोटता है इसलिए वे बुढ़ापा सोचते ही निर्भरता से डरते हैं।
5. कमजोर याददाश्त
मायो क्लीनिक का एक अध्ययन 2010 में न्यूरोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित हुआ जिसमें माना गया कि कमजोर याददाश्त या एल्जाइमर जैसी समस्या महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में अधिक होती है, इसलिए पुरुषों को उम्र बढ़ने के साथ-साथ याददाश्त कमजोर होने का भय सताता है।