लंबे समय से मुंहासा आपकी त्वचा पर बना है और आप इसे गंभीरता से नहीं ले रहें तो इस जानकारी के बाद गंभीरता से लेना शुरू कर देंगे।
आस्ट्रेलियन कॉलेज ऑफ डर्मोटॉलजिस्ट के शोध की मानें तो लंबे समय तक काले या गाढ़े लाल रंग के मुंहासे का बना रहना, त्वचा के कैंसर का इशारा हो सकता है।
शोधकर्ताओं ने माना है कि इस प्रकार के मुंहासे वाले मेलेनोमा कैंसर से मृत्यु का रिस्क छह गुना अधिक होता है।
मुंहासे की तरह ही त्वचा संबंधी ऐसी कई समस्याएं हैं जो दिखने में तो बड़ी नहीं लगती हैं पर ये त्वचा के कैंसर का संकेत हो सकती हैं।
त्वचा पर रैशेज, तिल या लच्छन (बर्थ मार्क्स) में होने वाले बदलावों को हल्के में न लें, ये आपके लिए त्वचा के कैंसर का इशारा भी हो सकते हैं।
बर्थ मार्क्स
शरीर में लच्छन यानी बर्थ मार्क्स जन्मजात हैं और इससे कोई नुकसान नहीं है। लेकिन जब इसका आकार बढ़ने लगे, रंग बदलने लगे, इस पर खुजली हो या खून निकले, तो डॉक्टर से जरूर मिलें। यह त्वचा के कैंसर का शुरुआती दौर हो सकता है।
तिल
त्वचा पर तिल होना बेहद सामान्य और यह सुंदरता का प्रतीक माना जाता है। अगर इसका आकार बढ़ने लगे और यह अधिक गाढ़ा होने लगे तो यह त्वचा के कैंसर का संकेत हो सकता है। तिल के आसपास की त्वचा का रंग बदले तो भी इसे हल्के में न लें।
धब्बे
त्वचा पर अगर धब्बे चार हफ्तों से ज्यादा हों तो यह त्वचा के कैंसर का संकेत हो सकता है। इसमें जलन हो या खून बहे तो डॉक्टर से जरूर मिलें।