मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में सभी फंक्शनल पदों को भरने की प्रक्रिया को दो से तीन महीने के भीतर शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिरों के बजट व्यय को और रोहतांग मार्ग से वाहनों को गुजारने को लेकर हाईकोर्ट के फैसले को सरकार चुनौती देगी।
उन्होंने कहा कि खेल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नालदेहरा में अंतरराष्ट्रीय गोल्फ कोर्स विकसित किया जा रहा है।
वीरभद्र सिंह वीरवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में आशा कुमारी और महेंद्र सिंह के लाए गए दो अलग-अलग संकल्प प्रस्तावों पर जवाब दे रहे थे।
मुख्यमंत्री के जवाब के बाद दोनों प्रस्तावों को दोनों विधायकों ने वापस ले लिया।
आशा कुमारी ने प्राइवेट मेंबर्स डे के उपलक्ष्य पर सदन में प्रस्ताव रखा कि सभी विभागों, बोर्डों और निगमों में फंक्शनल पदों को भर दिया जाए।
इसके लिए एक नीति बनाई जाए, जिसमें इन पदों को भरने के लिए समय सीमा निर्धारित हो।
पटवारी, गार्ड, लेक्चर से लेकर तमाम क्रियाशील पदों के रिक्त होने से विभागीय कार्यों की स्थिति चरमराई हुई है। ये पद हजारों में हैं।
इस पर चर्चा में आईडी धीमान, जगत सिंह नेगी, कुलदीप कुमार, कर्नल इंद्र सिंह, गोविंद राम शर्मा और जयराम ठाकुर ने भाग लिया।
बाद में अपने जवाब में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि फंक्शनल पदों को भरने की प्रक्रिया को दो से तीन महीने में शुरू किया जाएगा।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में सरकारी कर्मचारी बाहरी पड़ोसी राज्यों के अनुपात से ज्यादा हैं।
पीडब्ल्यूडी की ही बात करें, तो हमने इतने ज्यादा डिविजन खोल दिए हैं कि इनमें स्टाफ की अतिरिक्त जरूरत पड़ रही है। सभी विभागों में युक्तिकरण की जरूरत है।
हिमाचल में 68 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं, मगर यहां ब्लॉकों की संख्या इससे काफी अधिक है।
कर्मचारियों के प्रमोशन पर सुप्रीम कोर्ट का बैन है। वहां फैसला सुरक्षित रखा गया है। जैसे ही यह आ जाता है, उसके बाद बैकलॉग निकलेगा। बहुत सारी रिक्तियों को प्रमोशन से भरा जाना है। कई पदों को आठ महीने के कार्यकाल में भर भी दिया गया है।
दूसरा संकल्प प्रस्ताव महेंद्र सिंह ने रखा, जिसमें उन्होंने मांग की कि यह सदन केंद्र से मांग करता है कि प्रदेश को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता दी जाए।
इस पर कर्ण सिंह, वीरेंद्र कंवर, नंदलाल, वीके चौहान, गोविंद ठाकुर और संजय रतन ने चर्चा में भाग लिया।
जवाब में वीरभद्र सिंह ने कहा कि नालदेहरा स्थित गोल्फ कोर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाएंगे। यह 18 होल का होगा। इसके लिए जल्द ही भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री बोले कि हाईकोर्ट ने मंदिरों के ट्रस्ट से पार्किंग और संबंधित परिसर पर बजट खर्च नहीं करने का जो फैसला दिया है, उसे चुनौती दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि मंदिरों का पैसा मंदिरों पर खर्च नहीं होगा, तो कहां होगा? सरकार इस निर्णय से सहमत नहीं है।
उन्होंने रोहतांग सड़क पर चार साल पुराने वाहनों को नहीं गुजारने के कोर्ट के आदेश के खिलाफ भी अपील करने की बात की। उन्होंने कहा कि हिमाचल की पर्यटन नीति को अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा।