भारत सरकार मुंबई हमलों के गुनाहगार जकीउर रहमान लखवी को जमानत दिए जाने पर एतराज जता रही है, जबकि जेल में उसकी अय्याशियां कम नहीं थी। पाकिस्तान के शहर रावलपिंडी की अदियाल जेल में वह आलीशान जिंदगी जी रहा था। जेल प्रशासन ने उसे वीवीआईपी सुविधाएं दी हुई थीं।
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जेल में ही रहते हुए उसने बीवी के साथ रातें भी रंगीन की। वह एक बच्चे का बाप भी बना। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक लश्कर-ए-तैयबा का यह कमांडर जेल से सैरसपाटे के लिए नियमित बाहर निकलता था। वह अपने परिजनों और दोस्तों से अक्सर मिलता रहता।
जेल में उससे मिलने वालों की संख्या भी कम नहीं थी। उससे मिलने वाले अधिकांश आंतकी संगठनों के ही सदस्य होते थे, जिन्हें वह जेल से निर्देश और मशविरे देता।
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लखवी ने जेल में रखे थे 5 मोबाइल फोन
प्रतिबंधित आंतकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य लखवी पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी प्रतिबंध लगा रखा है। वह अमेरिका खुफिया एजेंसी एनआईए की 'मोस्ट वांटेड टेररिस्ट' की सूची में भी शामिल है। अमेरिकी अखबार इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, लखवी चेचेन्या, बोस्निया, इराक और दक्षिण पूर्व एशिया में हुई आतंकी वारदातों में भी शामिल रहा है।
लखवी ने 26 नवंबर, 2008 को मुंबई हमलों के दौरान कराची स्थित लश्कर-ए-तैयबा के कंट्रोल रूम में बैठकर हमलवारों को फोन से लगातार निर्देश दिए थे। रावलपिंडी की जेल में भी वह एक समय में पांच मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था। वह लश्कर के कमांडरों और कैडरों के संपर्क में था।
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, वह जेल से बेहिचक फोन पर बात किया करता था। अपने सहयोगियों को संदेश देता और आतंकी कार्रवाईयों की योजनाएं बनाता।
जेल में रहते हुए बना एक बच्चे का बाप
एक पूर्व गृह सचिव का कहना था कि लखवी को जेल के बजाय घर में ही नजरबंद किया गया होता तो ज्यादा बेहतर होता। घर में नजरबंद व्यक्ति कम से कम अदालत या सरकार को सूचना दिए बिना और उसकी इजाजत से ही किसी बाहर व्यक्ति से मिल सकता है या बाहर जा सकता है। जेल में लखवी को वह सभी सुविधाएं उपलब्ध थी, जो किसी आजाद व्यक्ति को होती हैं।
लखवी को जेल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के वाहनों को इस्तेमाल करने की इजाजत भी थी। वह उन्हीं गाड़ियों से अपने घर वालों या अतंकियों से मिलने जेल के बाहर जाया करता था।
जेल में ही रहते हुए वह एक बच्चे का बाप बना। 26/11 हमलों के आरोप में गिरफ्तार आतंकी अबु जुंदाल ने खुफिया एजेंसियों को बताया था कि उसने अदियाल जेल में लखवी से भेंट की थी। वहां उसने बताया था कि 2010 में जेल प्रशासन ने उसकी बीवी को जेल में आने की इजाजत दी थी, जिसके बाद वह एक बच्चे का बाप बना था।
जेल में ही मनाया था शानदार जन्मदिन
खुफिया एजेंसियों का कहना है कि अदियाल जेल में लखवी की सेल किसी आलीशान होटल के सुईट से कम नहीं थी। वहां टीवी समेत सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध थी। वह जेल में भी आसानी से घूम-टहल सकता था।
अदियाल जेल के जेलरों और जेल स्टाफ के साथ भी लखवी के अच्छे संबंध थे। 2012 में लखवी को जन्मदिन मनाने के लिए जेल प्रशासन ने सुविधाएं भी उपलब्ध कराई थीं। भारतीय एजेंसियों को मानना है कि पाकिस्तान प्रशासन ने लखवी को पश्चिमी देशों के दबाव में गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के जरिए पाकिस्तान दुनिया भर को यह संदेश देना चाहता था कि 26/11 के गुनहागारों को सजा देने के लिए वह प्रतिबद्घ है। हालांकि लखवी को जेल मे रखा भर गया और आईएसआई की शह पर वह अपनी सारी गतिविधियां जेल से चलाता रहा।
भारत ने पाकिस्तान से लखवी की आवाज का नमूना कई बार मांगा है, ताकि मुंबई हमलों के दौरान मिले आवाज के नमूनों से उसका मिलान किया जा सके। हालांकि पाकिस्तान ने भारत की आग्रह को हमेशा ही ठुकराया है।
पाकिस्तान कहता रहा कि उसके कानून किसी भी व्यक्ति के इच्छा के बिना आवाज का नमूना लेने का इजाजत नहीं देते। लखवी मुंबई हमले के उन सात आरोपियों में से एक है, जिस पर पाकिस्तान में मुकदमा चल रहा है। उसके अलावा अब्दुल वाजिद, मजहर इकबाल, सादिक, शाहिद जमील रियाज, जमील अहमद और यूनस अंजुम को 2009 में गिरफ्तार किया गया था।
इन सभी पर मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमलों की साजिश रचने का आरोप है। मुंबई हमले में 166 लोग मारे गए थे जबकि 300 से अधिक घायल हुए थे। गुरुवार को पाकिस्तान आतंकवाद निरोधी विशेष अदालत ने लखवी को जमानत दे दी थी।