आईआईटी प्रवेश परीक्षा पास करने वाला संभवत सबसे युवा छात्र सत्यम की इच्छा एलबर्ट आइंस्टीन बनने की है।
बिहार के भोजपुर जिले में रहने वाला यह 13 वर्षीय छात्र एक गरीब किसान का बेटा है और उसने लगातार दूसरी बार आईआईटी-जेईई परीक्षा पास की है।
सीबीएसई की विशेष अनुमति के बाद सत्यम ने पिछले साल 12 साल की उम्र में आईआईटी प्रवेश परीक्षा दी थी, लेकिन वह अपने 8137 रैंक से संतुष्ट नहीं था। इसी वजह से उसने इस साल फिर से परीक्षा दी थी। 2013 की परीक्षा में सत्यम का ऑल इंडिया रैंक 679 रहा।
इस युवा जीनियस की कहानी पूरे रोमांच से भरी हुई है। स्थानीय कॉलेज में क्लर्क की नौकरी करने वाले उसके अंकल पशुपति सिंह ने बताया कि आठवीं कक्षा तक तो सत्यम स्कूल तक भी नहीं जा सका। गांव में सरकारी स्कूल में बुनियादी सुविधाएं नहीं थी और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी।
इसी वजह से उसे घर पर ही पढ़ना पड़ा। लेकिन सत्यम ने जिस तेजी से चीजों को समझना शुरू किया, उससे सभी हैरान रह गए। 2007 में सत्यम पहली बार आठवीं कक्षा में पढ़ने के लिए स्कूल गया। उसने राजस्थान बोर्ड परीक्षा पास कर कोटा के मॉडर्न स्कूल में दाखिला पाया। सिंह ने बताया कि उसकी पढ़ाई का सारा खर्च स्कूल के प्रधानाचार्य आरके वर्मा ने ही वहन किया।
स्टडी करने की अपनी आदत के बारे में सत्यम बताता है, ‘मैं दिन छह घंटे पूरे फोकस के साथ पढ़ाई करता हूं। इसके अलावा मैं फिल्म देखता हूं, फुटबॉल खेलता हूं और मोबाइल पर गेम भी खेलता हूं।’ सत्यम की इच्छा है कि वह भी वैज्ञानिक एलबर्ट आइंस्टीन की तरह एक दिन नोबेल पुरस्कार जीते।