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प्रशांत भूषण की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा

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आम आदमी पार्टी के संवाददाता सम्मेलन में इन दिनों खूब हंगामा मच रहा है। शनिवार को कुमार विश्वास की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक युवक के अंडा फेंकने के बाद सोमवार को भी ऐसा ही कुछ हुआ।
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पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रशांत भूषण दिल्ली के वुमन प्रेस क्लब में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, लेकिन तभी बवाल मच गया।

आम आदमी पार्टी के कार्यालय पर हमला करने वाले हिंदू रक्षा दल के नेता विष्णु गुप्ता और उनके साथियों ने कॉन्फ्रेंस में हंगामा मचा दिया। उन्होंने प्रशांत भूषण के खिलाफ नारेबाजी की और पर्चे बांटे।

कश्मीर और नक्सलियों पर दिया विवादित बयान

AAP नेता प्रशांत भूषण ने कहा था कि जम्मू कश्मीर में सेना की तैनाती को लेकर जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए और अगर वहां की आवाम इसके पक्ष में नहीं है, तो सेना हटा दी जानी चाहिए।

यह विरोध इसी बात को लेकर किया जा रहा। विष्‍णु गुप्ता ने कहा कि प्रशांत भूषण को आम आदमी पार्टी से बाहर निकाला जाना चाहिए और केजरीवाल की पार्टी को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर रुख साफ करना चाहिए।

इन लोगों ने प्रशांत भूषण के खिलाफ नारेबाजी की और कश्मीर पर दिए बयान को लेकर माफी मांगने की मांग उठाई। साथ ही भूषण के खिलाफ पोस्टर और पर्चे फेंके गए।

केजरीवाल को पत्र भी लिखा

प्रशांत भूषण के खिलाफ हंगामा करने वालों ने अपनी मांगों में कहा कि मीडिया के सामने उनसे बातचीत होनी चाहिए। इन लोगों ने केजरीवाल के नाम चिट्ठी भी लिखी है।

इससे पहले आम आदमी पार्टी के कौशांबी स्थित दफ्तर पर हमला किया गया था। इसमें खूब तोड़फोड़ की गई। इसके बाद पिंकी चौधरी नामक एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया था।

सोमवार को हंगामा करने वाले लोग पिंकी को रिहा करने की मांग भी उठा रहे थे। इस बवाल के बीच प्रशांत भूषण वहां से निकल गए। उन्होंने सिर्फ इतना कहा, "आम आदमी पार्टी की कामयाबी से लोग बौखला गए हैं।"
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फिर विवादों में आए प्रशांत भूषण

कश्मीर में जनमत संग्रह की बात कर विवादों में रह चुके आम आदमी पार्टी के नेता प्रशांत भूषण एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने नक्सलवाद प्रभावित इलाकों में सैन्य बलों की तैनाती के लिए जनमत संग्रह कराने की चर्चा कर नए बवाल को हवा दे दी है। उनकी इस मांग की भाजपा ने कड़ी आलोचना की है।

आप नेता और प्रसिद्ध वकील प्रशांत भूषण ने शनिवार को कहा था कि नक्सल प्रभावित इलाकों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती के मसले पर जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए।

इससे पहले ऐसी ही मांग उन्होंने कश्मीर में सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर की थी। उनकी इस मांग पर बवाल मचने पर उनकी खुद की पार्टी आप और इसके नेता अरविंद केजरीवाल ने किनारा कर लिया था।
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