इरादा नेक हो और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो और तो सफलता मिल ही जाती है। मध्यप्रदेश के गुरड़िया वर्मा गांव की एक बीएससी की छात्रा ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है।
21 वर्षीय अनीता पर स्वच्छ भारत अभियान और गांव में एक एनजीओ के जरिए चलाए गए स्वच्छता जागरूकता अभियान का असर ऐसा हुआ कि उसने वजीफे में मिली रकम से ही घर में शौचालय बनवा लिया।
इस काम के लिए अनीता को घर में विरोध भी झेलना पड़ा। दरअसल, अनीता के पिता रामलाल कैसे भी मजूरी करके परिवार का पेट पालते हैं। रामलाल के पास जायदाद के नाम पर दो एकड़ जमीन और दो भैंस हैं।